फरीदाबाद | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में झूला टूटने की घटना के बाद हरियाणा सरकार अलर्ट मोड में आ गई है. बता दें कि इस हादसे में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे. इस दुखद घटना से सबक लेते हुए प्रदेश सरकार ने ‘झूला सुरक्षा नीति’ बनाने का फैसला लिया है. इसमें विभिन्न मेलों में झूले लगाने से लेकर उनकी सुरक्षा के मानक निर्धारित किए जाएंगे.
झूला मालिकों की जवाबदेही होगी तय
कोई दुर्घटना होने की स्थिति में झूला मालिकों की जवाबदेही तय की जाएगी. मेलों में झूले लगाने की अनुमति देने वाले अधिकारियों को भी इस नीति का हिस्सा बनाया जा सकता है. सीएम नायब सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में राज्य की पहली झूला सुरक्षा नीति बनाने की घोषणा की. CM ने दावा करते हुए कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य होगा जहां झूला सुरक्षा नीति तैयार होगी. यह देश में अपनी तरह की पहली नीति होगी जिसका उद्देश्य झूलों और मनोरंजन के साधनों को पूरी तरह से सुरक्षित बनाना है.
हादसे को लेकर गंभीर सरकार
उन्होंने कहा कि भविष्य में सूरजकुंड मेले जैसी घटनाएं न हो, इसके लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना को लेकर हमारी सरकार बेहद गंभीर है. इस मामले में झूला कमेटी से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस हादसे में घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और इसका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी.
गंभीर रूप से घायलों को 1- 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी. वहीं, बलिदानी पुलिसकर्मी के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद देने का फैसला भी सरकार ने लिया है.
