रेवाड़ी | हरियाणा सरकार ने वित्त वर्ष 2026- 27 के बजट में रेवाड़ी जिले को बड़ी सौगात दी है. बता दें कि सरकार ने रेवाड़ी में करीब 300 करोड़ रुपए की लागत से एक मिल्क प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है जिसकी प्रतिदिन क्षमता 5 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की होगी. इस फैसले का उद्देश्य दुग्ध उद्योग को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है.
दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता उच्च
रेवाड़ी का दूध उत्पादन हरियाणा के औसत से अधिक है और यहां दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता भी उच्च है. जिले का दूध उत्पादन 4.34 लाख टन है, जो राज्य के कुल उत्पादन का 3.73 % है. बकरी के दूध उत्पादन में जिला 4240 टन उत्पादन करके राज्य में 5वें स्थान पर है जो राज्य के कुल उत्पादन का 8% है. इसी वजह से इस प्लांट की जरूरत और महत्व यहां अधिक है. इसके साथ ही यह मिल्क प्लांट आधुनिक तकनीक और प्रसंस्करण सुविधाओं से लैस होगा जिससे दूध की गुणवत्ता और वितरण में सुधार होगा.
दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी जिले की बात करें तो यह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और साइबर सिटी गुरुग्राम से बिल्कुल सटा हुआ है. इन दोनों ही जगहों पर हरियाणा की देशी नस्ल की भैंस व गाय के दूध की बहुत ज्यादा डिमांड रहती है. ऐसे में रेवाड़ी में नए दूग्ध प्लांट की स्थापना से किसानों और डेयरी उद्योग को बड़ा बूस्ट मिलेगा. यह प्लांट आधुनिक तकनीक और प्रसंस्करण सुविधाओं से लैस होंगे जिससे दूध की गुणवत्ता और वितरण में सुधार आएगा. साथ ही, हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
ग्रामीण क्षेत्रों का होगा विकास
सरकार का मानना है कि इस प्लांट से न केवल दुग्ध उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. प्लांट में आधुनिक तरीके से प्रसंस्करण, पैकेजिंग और भंडारण किया जाएगा जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा. इस प्लांट के शुरू होने के बाद आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. सरकार की इस पहल को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना गया है.
