चंडीगढ़ | देशभर में LPG गैस की किल्लत को लेकर मची अफरातफरी के बीच हरियाणा सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा एक आदेश जारी किया गया है जिसमें बताया गया है कि अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेजों सहित अन्य जरूरी जगहों पर एलपीजी गैस की किल्लत नहीं होनी चाहिए. इसके लिए सरकार ने हर जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया है.
जिला डीसी संभालेंगे कमान
जिला उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में गठित होने वाली कमेटी में जिला एसपी, चीफ मेडिकल ऑफिसर और जिला शिक्षा अधिकारी को शामिल किया जाएगा. जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी (DFSC) इस कमेटी के सेक्रेटरी होंगे. यह कमेटी जिले में मौजूद कमर्शियल एलपीजी गैस की उपलब्धता देखकर यह तय करेगी कि किसे प्राथमिकता के आधार पर गैस दी जाए. DFSC प्रतिदिन यह देखेंगे कि तेल कंपनियां ठीक से गैस पहुंचा रही है या नहीं ताकि जिले में हमेशा 20 प्रतिशत स्टॉक बना रहे.
शादी वाले घरों को मिलेगी प्राथमिकता
यदि किसी घर में शादी हैं तो उन्हें ज़रूरत के हिसाब से गैस सिलेंडर मिलेंगे. खासकर जिन घरों में लड़की की शादी है, उन्हें गैस सिलेंडर देने में प्राथमिकता दी जाएगी. कामर्शियल एलपीजी सिलिंडर की दैनिक औसत खपत का 20% हिस्सा राज्य सरकार के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. इस गैस का उपयोग विशेष रूप से आवश्यक सेवाओं के लिए किया जाएगा. अस्पतालों को कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर प्राथमिकता के आधार पर दिए जाएंगे. शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों को भी जरूरत के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जाएगी.
गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी
इजरायल व अमेरिका के साथ ईरान की जंग के बाद से ही पूरे देश में सिलेंडर की किल्लत को लेकर अफरातफरी मची हुई है. हरियाणा की बात करें तो यहां भी ज्यादातर जगहों पर रसोई गैस को लेकर मारामारी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है. सरकार लगातार दावा करती आ रही है कि एलपीजी, सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नियमित तौर पर हो रही है. गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें नजर आ रही है.
