हरियाणा के पहली कक्षा में एडमिशन के लिए 6 साल की उम्र अनिवार्य, पूर्ण रूप से लागू की जा रही राष्ट्रीय शिक्षा नीति

चंडीगढ़ | हरियाणा में एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है. नए सेशन से स्कूलों में एडमिशन के लिए जोर-शोर से काम चल रहा है. इस बीच राज्य सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूर्ण रूप से लागू करने के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियम- 2003 को संशोधित किया है.

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अब सिर्फ उन्हीं बच्चों को पहली कक्षा में एडमिशन मिल पाएगा, जो 6 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं. अगले 6 महीने में जो बच्चा छह साल की आयु पूरी कर लेगा, वह उसी दिन दाखिले का पात्र रहेगा.

शिक्षा संशोधन नियम- 2026 अधिसूचित

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा संशोधन नियम- 2026 को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है. पुराने नियमों में पांच साल की आयु वाले बच्चों को पहली कक्षा में दाखिले का प्रविधान किया गया था. हालांकि, उन बच्चों को भी राहत मिली है जो 30 सितंबर तक छह साल की उम्र पूरी कर लेंगे.

चरणवार रूप से लागू हो रही नीति- 2020

हरियाणा नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम- 2011 के नियम 10 के तहत एडमिशन की छह महीने की विस्तारित अवधि तक कोई भी बच्चा जैसे ही 6 साल की आयु पूरी करेगा, वह उसी दिन से पहली कक्षा में प्रवेश का योग्य होगा. 30 सितंबर के बाद 6 साल पूरे करने वाले बच्चों को अगले सेशन में ही स्कूल में दाखिला दिया जाएगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 चरणवार रूप से लागू हो रही है.

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सिलेबस पूरा करने की जिम्मेदारी

नए शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम आयु सीमा 6 साल रहेगी. छह महीने की विस्तारित अवधि के दौरान जिन बच्चों ने एडमिशन लिया उनका सिलेबस पूरा कराने और विशेष प्रशिक्षण की जिम्मेदारी स्कूल मुखिया की रहेगी. ऐसे में जो बच्चे बाद में स्कूल में दाखिल होंगे वह पहले से दाखिला लिए हुए बच्चों के बराबर आ जाएंगे.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.