चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने किसानों के हित में एक और सराहनीय फैसला लिया हैं जिसके तहत जिन गांवों में किसानों से सरकारी ट्यूबवेल लगाने के लिए जमीन ली गई थी और मौजूदा समय में इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, ऐसी जमीन को वापस भू- मालिकों को सौंपने की योजना बनाई है.

CM ने की थी घोषणा
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि सिंचाई और पंचायत विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे टीमें गठित कर इसका सर्वे करते हुए लिस्ट बनाकर सरकार के पास भेज दें. जिसके बाद भू- मालिक से कलेक्टर रेट लेते हुए वापस जमीन हस्तांतरित कर दी जाएगी.
वित्त वर्ष 2026- 27 का वार्षिक बजट पेश करते हुए बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह घोषणा की थी. बजट पेश करने से पहले उन्होंने प्रदेश के कई किसान संगठनों से बातचीत की थी तो यह बात सामने आई थी कि सरकारी टयूबवेल लगाने के लिए भू-मालिकों से जमीन ली गई थी लेकिन उसका उपयोग मौजूद समय में नहीं हो रहा है.
सरकार के निर्देश पर होगा सर्वे
किसान संगठनों का कहना था कि कई जिलों में लगाएं गए ट्यूबवेल बंद हो चुके हैं. उपयोग नहीं होने पर उक्त जमीन को फिर से भू- मालिक को सौंपी जाएं. इसी सलाह पर आगे बढ़ते हुए प्रदेश सरकार ने यह योजना तैयार की है. जमीन के बदले भू-मालिक सरकार से मुआवजा ले चुके हैं, ऐसे में सरकार कलेक्टर रेट पर रकम को लेकर उन्हें वापस करेगी. प्रदेश सरकार के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने सभी जिला उपायुक्तों को पत्र लिखकर सर्वे कराने में सहयोग का आग्रह किया है.