चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने और उन्हें तकनीकी निपुण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत की गई है. हमारी सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश के हर जिले से प्रगतिशील किसानों को ‘एक्सपोजर विजिट’ (अध्ययन यात्रा) पर भेजा जाएगा.

इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को देश के विभिन्न हिस्सों में अपनाई जा रही आधुनिकतम कृषि तकनीकों, उन्नत पद्धतियों और नए उभरते बाजारों से सीधा जुड़ाव प्रदान करना है ताकि वे अपनी पारंपरिक खेती में सकारात्मक बदलाव ला सकें. इससे राज्य के हजारों किसान राष्ट्रीय स्तर पर कृषि सुधारों का प्रत्यक्ष अनुभव ले सकेंगे.
हरियाणा CM ने की थी घोषणा
कृषि मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026- 27 का वार्षिक बजट पेश करते हुए बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने बजट भाषण में किसानों को एक्सपोजर विजिट पर भेजने की घोषणा की थी. इसी घोषणा को अब धरातल पर अमलीजामा पहनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई है.
उन्होंने जानकारी दी कि इन कृषि यात्राओं के दौरान हरियाणा के किसानों को गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना जैसे कृषि प्रधान राज्यों में जाने का अवसर मिलेगा. इन राज्यों का चयन वहां की विशिष्ट कृषि उपलब्धियों के आधार पर किया गया है. उदाहरण के तौर पर किसान गुजरात में सूक्ष्म सिंचाई, महाराष्ट्र में अंगूर व अनार की बागवानी और तेलंगाना में बीज उत्पादन की नई तकनीकों का बारीकी से अध्ययन कर सकेंगे. इससे प्रदेश के किसान भी अपनी मिट्टी और जलवायु के अनुकूल नई फसलें उगाने के लिए प्रेरित होंगे.
किसानों को मिलेगा फायदा
श्याम सिंह राणा ने बताया कि इस एक्सपोजर विजिट का एक बड़ा हिस्सा सीधा बाजार जुड़ाव पर केंद्रित रहेगा. किसानों को यह सिखाया जाएगा कि कैसे वे बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी उपज को सीधे बाजार में बेचकर बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं. उन्हें अन्य राज्यों के उन किसान समूहों से मिलाया जाएगा जो अपनी उपज की ग्रेडिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग करके सीधे उपभोक्ताओं या बड़े रिटेलर्स तक पहुंच रहे हैं. इससे न केवल किसानों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, बल्कि वे ‘खेती को व्यवसाय’ के रूप में देखने की दिशा में आगे बढ़ेंगे.