चंडीगढ़ | हरियाणा में राशनकार्ड धारकों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. अब इन गरीब परिवारों को राशन के लिए न तो घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ेगा और न ही फिंगरप्रिंट न मिलने पर बिना राशन लिए खाली हाथ घर वापस लौटना पड़ेगा. खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में राशन वितरण प्रणाली को हाईटेक करने की तैयारियां शुरू कर दी है.

राशन वितरण प्रणाली हुई हाईटेक
प्रदेश के सभी जिलों में राशन डिपो पर अब 5G आधारित आधुनिक पीओएस मशीनें लगाई जा रही है, जिनमें आई- स्कैन की सुविधा जोड़ी गई है. अभी तक राशन डिपो पर 2G आधारित पुरानी पीओएस मशीनों में लगातार तकनीकी खामियों के चलते राशन वितरण में परेशानी झेलनी पड़ रही थी.
बुजुर्गो के कांपते हाथ या मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों की घिस चुकी उंगलियों के निशान पुरानी पीओएस मशीनों पर मैच नहीं हो रहें थे जिसके चलते उन्हें कई मर्तबा बिना राशन लिए घर लौटना पड़ता था. इस तकनीकी खामी के चलते कई बार पात्र परिवारों को राशन से वंचित रहना पड़ता था लेकिन अब 5G आधारित नई तकनीक से लैस पीओएस मशीनों में यदि किसी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता है तो उसकी आंखों की पुतलियों को स्कैन करके पहचान सत्यापित करते हुए तुरंत राशन जारी कर दिया जाएगा.
सभी जिलों के राशन डिपो पर नई पीओएस मशीनें उपलब्ध कराने का काम शुरू हो चुका है. जिन- जिन जिलों के राशन डिपो पर मशीनें पहुंच चुकी है वहां इन्हें इंजिनियर असेंबल कर रहे हैं. इसके बाद डिपो संचालकों को मशीन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा और फिर मशीनें वितरित की जाएगी. इस महीने के आखिर तक मशीनें बांटने की खाद एवं आपूर्ति विभाग की तैयारी है.
गड़बड़झाले पर लगेगी रोक
नई पीओएस मशीनों के साथ ही आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक कांटे भी दिए जा रहे हैं. यह मशीन से जुड़े रहेंगे, जब तक कि उपभोक्ता को दिया जाने वाला पूरा राशन इन मशीनों पर नहीं तोला जाएगा, तब तक पर्ची नहीं निकल सकेगी. इससे राशन की तौल एकदम सटीक हो जाएगी और उपभोक्ताओं को कम राशन मिलने की शिकायत खत्म हो जाएगी. इससे राशन डिपो पर होने वाले गड़बड़झाले पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.