चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में मिलने वाली मिड-डे मील में बड़ा बदलाव किया है. बता दें कि अब बच्चों की थाली पहले से ज्यादा पोषण से भरपूर होगी. इसमें विशेष तौर पर प्रोटीन और मोटे अनाज को शामिल किया गया है. केंद्र सरकार ने इसके लिए प्रति विद्यार्थी मिलने वाली राशि में भी बदलाव किया है, ताकि बच्चों को बेहतर क्वालिटी का भोजन मिल सके.

बच्चों के भोजन की गुणवत्ता में सुधार
नए बदलाव के अनुसार, बाल वाटिका से लेकर 5वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए मिड- डे मील की दर लगभग 7 रुपए प्रति विद्यार्थी तय की गई है जबकि छठी से 8वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए यह राशि लगभग 10 रुपए प्रति विद्यार्थी रहने वाली है. इस बदलाव का उद्देश्य बच्चों के भोजन की गुणवत्ता को सुधारना है.हरियाणा एग्रो बच्चों के लिए सूखा राशन उपलब्ध कराएगा और दूध-दही, सब्जियों, गुड़, रसोई गैस एवं गेहूं की पिसाई स्कूल के द्वारा स्वयं वहन की जाएगी.
पत्र के माध्यम से दिए निर्देश
राष्ट्रीय स्तर पर मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा ने भी स्कूलों के भोजन में मिलेट्स को शामिल किया है. रागी, बाजरा और अन्य मोटे अनाज बच्चों को ऊर्जा, फाइबर और आयरन उपलब्ध कराते है. इसीलिए बच्चों को थाली में सोया और काले चने से लेकर दूध- दही उपलब्ध कराई जाएंगी.मौलिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और हरियाणा एग्रो के प्रबंधक को पत्र के माध्यम से नई दरों के बारे में बता दिया है.