नई दिल्ली | राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने द्विवार्षिक और उपचुनाव के लिए चयनित प्रत्याशियों के नामों को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही विभिन्न राज्यों में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गया है. कांग्रेस द्वारा जारी सूची के अनुसार कर्नाटक से तीन नेताओं को उम्मीदवार बनाया गया है. इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा और मंसूर अली खान शामिल हैं. कर्नाटक से एक साथ तीन नाम सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है.

मध्य प्रदेश से कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार घोषित किया है. मीनाक्षी नटराजन लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं और उन्हें कांग्रेस का अनुभवी चेहरा माना जाता है. राजस्थान से पार्टी ने नीरज डांगी पर भरोसा जताया है.
कांग्रेस का बड़ा दांव
नीरज डांगी पहले भी राज्यसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. तमिलनाडु से कांग्रेस ने प्रवीण चक्रवर्ती को उम्मीदवार बनाया है. प्रवीण चक्रवर्ती पार्टी की आर्थिक और नीतिगत रणनीतियों से जुड़े प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं. वहीं झारखंड से प्रणव झा को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है. घोषित किए गए सभी उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय हैं और पार्टी की विचारधारा को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. पार्टी को उम्मीद है कि राज्यसभा में पहुंचने के बाद ये नेता राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रखेंगे और संसद के उच्च सदन में कांग्रेस की आवाज को और मजबूत करेंगे.
इन्हें बनाया उम्मीदवार
घोषित सूची के अनुसार, कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान, मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, राजस्थान से नीरज डांगी, तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती और झारखंड से प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया गया है. उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के साथ ही अब नामांकन प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. पार्टी की ओर से कहा गया है कि सभी उम्मीदवार निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपना नामांकन दाखिल करेंगे. राज्यसभा की इन सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक और उपचुनाव को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आने वाले दिनों में इन चुनावों को लेकर विभिन्न राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है.