चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) ने कर्मचारियों के तबादलों को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. राज्य में मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी- 2026 लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. मानव संसाधन विभाग (HR- I) ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और NIC को पत्र भेजकर HRMS (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) का डेटा तत्काल अपडेट करने और ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया की तैयारी पूरी करने को कहा है. 25 जून 2026 से नई ट्रांसफर पॉलिसी प्रभावी हो चुकी है जबकि 2025 की नीति समाप्त मानी जाएगी. पहली ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव इसी नई पॉलिसी के तहत होगी.

सरकार ने सभी विभागों को HRMS अपडेट करने का काम टॉप प्रायोरिटी पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं. कर्मचारियों की मेरिट, कार्यकाल (Tenure), पात्रता, श्रेणी और वरीयता का निर्धारण केवल HRMS में दर्ज जानकारी के आधार पर होगा.
प्रक्रिया में नुकसान
यदि किसी कर्मचारी का डेटा अधूरा, गलत या सत्यापित नहीं होगा, तो उसे ट्रांसफर प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ सकता है. नई व्यवस्था के तहत, सभी नियमित तबादले केवल HRMS से जुड़े ऑनलाइन ट्रांसफर मॉड्यूल के जरिए होंगे. किसी कैडर की ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू होने के बाद उस कैडर में अलग से नियमित तबादले या पोस्टिंग नहीं की जाएगी. यदि पहले कोई ट्रांसफर एडवाइजरी जारी हुई है लेकिन आदेश जारी नहीं हुए हैं, तो उन्हें भी निरस्त कर नई नीति के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
दी गई यह चेतावनी
सरकार ने चेतावनी दी है कि HRMS में गलत, अधूरी या भ्रामक जानकारी देने वाले कर्मचारी को ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर उसकी पोस्टिंग राज्य में कहीं भी की जा सकती है. साथ ही तबादले के लिए किसी भी प्रकार का राजनीतिक या बाहरी दबाव बनाने पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. हर विभाग में ट्रांसफर प्रक्रिया की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा.
व्यापक स्तर पर लागू
कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी दस्तावेज Employee Self Service (ESS) के माध्यम से अपडेट कर सकेंगे जबकि सेवा रिकॉर्ड, पोस्टिंग, कैडर और अन्य आधिकारिक जानकारी का सत्यापन DDO, HRMS एडमिन या विभागीय अधिकारी करेंगे. सरकार के अनुसार, ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली पहले से शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक एवं सांख्यिकी, सिंचाई एवं जल संसाधन समेत कई विभागों में लागू है. अब मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी- 2026 के तहत इसे और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा.