हरियाणा में 11 सौ से अधिक प्राइवेट स्कूलों पर एक्शन, 63 के MIS पोर्टल बंद; नए एडमिशन पर तत्काल रोक

रोहतक | हरियाणा शिक्षा विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहतक जिले के 63 स्कूलों के एमआईएस (स्कूल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए हैं. पोर्टल बंद होने के साथ ही इन स्कूलों में नए विद्यार्थियों के दाखिलों पर पूरी तरह रोक लग गई है. विभाग ने मान्यता संबंधी नियमों का पालन न करने, बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई की है. सभी 63 स्कूलों को ब्लैकलिस्ट की श्रेणी में रखा गया है.

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शिक्षा विभाग ने पूरे हरियाणा में 1100 से अधिक निजी स्कूलों पर सख्त कदम उठाए हैं. 145 अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों के पोर्टल बंद किए हैं, 269 परमिशन प्राप्त स्कूलों के पोर्टल भी ब्लॉक कर दिए गए हैं. 693 स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों पर भी कार्रवाई हुई है, जिन्होंने RTE के तहत आरक्षित सीटों का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया था.

रोहतक के 63 स्कूलों पर कार्रवाई

शिक्षा विभाग के अनुसार जिले के 22 अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल तय समय सीमा के बावजूद आवश्यक मानक पूरे नहीं कर सके. 10 स्कूल बिना विभागीय अनुमति के संचालित पाए गए, जबकि 31 स्कूलों ने आरटीई के तहत अनिवार्य प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं की. इन सभी कारणों से उनके एमआईएस पोर्टल बंद कर दिए गए. विभागीय जांच में कई स्कूल आवासीय मकानों में संचालित होते मिले. कई संस्थानों के पास निर्धारित भूमि और भवन संबंधी मानक पूरे नहीं थे.

पर्याप्त कक्षाओं, खेल मैदान, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव पाया गया. इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों के लिए आरटीई के तहत आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों का विवरण भी शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध नहीं कराया गया था.

कमियां दूर करने पर ही खुलेगा पोर्टल

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई से पहले संबंधित स्कूलों को कई बार नोटिस जारी कर दस्तावेज पूरे करने का अवसर दिया गया था. प्रदेश के करीब 413 स्कूलों को अतिरिक्त समय भी दिया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा नहीं होने पर यह निर्णय लिया गया. अब संबंधित स्कूलों को मान्यता, भूमि, भवन, सुरक्षा और आरटीई से जुड़ी सभी कमियां दूर कर दोबारा दस्तावेज जमा करने होंगे. विभागीय समीक्षा के बाद ही उनके एमआईएस पोर्टल दोबारा खोले जाएंगे. तब तक इन स्कूलों में नए दाखिले, आरटीई प्रवेश प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे.

अस्थाई मान्यता प्राप्त तथा मानकों और आरटीई अधिनियम से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वाले निजी स्कूलों पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है. कमियां दूर करने के बाद ही इन मामलों की दोबारा समीक्षा की जाएगी- बिजेंद्र हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.