हरियाणा का Hidden Gem जो मानसून में है परफेक्ट वीकेंड डेस्टिनेशन, बना हॉट टूरिस्ट स्पॉट

गुरुग्राम | राजधानी दिल्ली- NCR की भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ घंटे सुकून के बिताने हों तो हरियाणा का अरावली की पहाड़ियां सबसे बेहतर ऑप्शन बन जाता है. दिल्ली- एनसीआर का ग्रीन लंग कही जाने वाली अरावली पर्वत श्रृंखला मानसून में अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती है. पहली बारिश के बाद सूखी पहाड़ियां हरियाली की चादर ओढ़ लेती हैं, प्राकृतिक जल स्रोतों में फिर से पानी बहने लगता है और पूरा इलाका प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है. इतिहास, पौराणिक कथाओं और प्राकृतिक संपदा से भरपूर अरावली का यह इलाका अब वीकेंड टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन चुका है.

Travel Tour Road Sadak

ट्रेकिंग, नेचर वॉक, साइक्लिंग, बर्ड वॉचिंग और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यहां कई बेहतरीन जगहें मौजूद हैं. पिछले एक दशक में सोशल मीडिया, ट्रेकिंग क्लब और साइक्लिंग ग्रुप्स की वजह से गुरुग्राम और फरीदाबाद की अरावली में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है.

महाभारत काल से जुड़ी मान्यता

पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल में युधिष्ठिर के तीर चलाने पर अरावली की सूखी चट्टानों से जलधारा फूट पड़ी थी. मानसून के दौरान पहाड़ियों पर छाई हरियाली और बहते जल स्रोत इस कथा को जीवंत कर देते हैं. सदियों से यह पर्वत श्रृंखला लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. गुरुग्राम के बीचोंबीच स्थित अरावली बायोडायवर्सिटी पार्क प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी ऑक्सीजन चेंबर से कम नहीं है. करीब 380 से 700 एकड़ में फैले इस पार्क में लंबी नेचर ट्रेल, दुर्लभ वनस्पतियां, रंग-बिरंगे पक्षी और शांत वातावरण लोगों को शहर के शोर से दूर ले जाते हैं. सुबह यहां मॉर्निंग वॉकर, बर्ड वॉचर और फोटोग्राफर बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. पार्क में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क है.

लेपर्ड ट्रेल का रोमांच

अगर पहाड़ियों के बीच ड्राइविंग या साइक्लिंग का आनंद लेना चाहते हैं तो लेपर्ड ट्रेल बेहतरीन विकल्प है. मानसून में सड़क के दोनों ओर फैली हरियाली इसकी खूबसूरती कई गुना बढ़ा देती है. शाम के समय यहां स्थित कैफे और व्यू प्वाइंट पर्यटकों से गुलजार रहते हैं. हालांकि, वन विभाग पर्यटकों से निर्धारित रास्तों पर ही चलने की अपील करता है क्योंकि यह क्षेत्र तेंदुए, लकड़बग्घे, सियार समेत कई वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है.

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दमदमा झील

अरावली की पहाड़ियों के बीच फैली दमदमा झील मानसून में अपने सबसे सुंदर रूप में दिखाई देती है. बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने से झील और आसपास का प्राकृतिक दृश्य बेहद मनमोहक हो जाता है. यहां बोटिंग, बर्ड वॉचिंग, नेचर वॉक और फोटोग्राफी का आनंद लिया जा सकता है. हालांकि, भारी बारिश के दौरान प्रशासन की सुरक्षा सलाह का पालन करना जरूरी है. भोंडसी स्थित भारत यात्रा केंद्र अरावली के बीच लंबी ट्रेकिंग और प्राकृतिक वातावरण का अनुभव कराने वाली खास जगह है.

वीकेंड बिताने के लिए खास

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की भारत यात्रा के बाद स्थापित यह केंद्र आज इको- टूरिज्म और प्रकृति संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है. यहां कैंपिंग, नेचर ट्रेल और पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं. अरावली के सबसे संवेदनशील और खूबसूरत प्राकृतिक क्षेत्रों में मांगरबनी और धौज का नाम प्रमुख है. सदियों पुराने इस संरक्षित वन क्षेत्र में घने देशी पेड़, शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करती है.

इतिहासकारों के अनुसार, यहां पाषाण काल के औजार और शैलचित्र भी मिले हैं जो प्राचीन सभ्यताओं के विकास की कहानी बताते हैं. हालांकि, बढ़ते पर्यटन के कारण इस क्षेत्र पर दबाव भी बढ़ रहा है. इसी वजह से वन विभाग ने यहां वॉच टावर और कैमरा ट्रैप जैसी व्यवस्थाएं शुरू की हैं ताकि संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन बना रहे. मानसून के मौसम में अरावली सिर्फ हरियाली का नजारा देने के साथ- साथ लोगों को प्रकृति के बीच सुकून, रोमांच और इतिहास से भी जोड़ता है. हर बारिश के मौसम में हजारों लोग वीकेंड बिताने के लिए अरावली का रुख करते हैं.

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Puja Kumari
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर कंटेंट एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.