हिसार | हरियाणा के कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी और खंड वर्षा हुई, लेकिन इससे कमजोर पड़े मानसून को खास मजबूती नहीं मिल सकी. करनाल, झज्जर, हिसार, फतेहाबाद, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और एनसीआर के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के अधिकांश इलाकों में दिनभर उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती रही. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अब मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

3 अगस्त से 8 अगस्त के बीच हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना है. इस दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश होने के आसार हैं.
हरियाणा मौसम अपडेट
रविवार को प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान सिरसा में 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हिसार में अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री और न्यूनतम 27.5 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान भिवानी में 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि फिलहाल गुजरात और राजस्थान के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, जबकि हरियाणा के पश्चिमी जिलों में अब भी सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है.
उन्होंने कहा कि हाल ही में बंगाल की खाड़ी में बनी मौसम प्रणाली का प्रभाव मुख्य रूप से हरियाणा के उत्तरी और पूर्वी जिलों तक ही सीमित रहा. पश्चिमी जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई.
मानसूनी गतिविधियां फिर तेज
डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार मानसून टर्फ इस समय अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर राजस्थान के आसपास बनी हुई है. इसी वजह से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति देखने को मिल रही है. बंगाल की खाड़ी से बना डिप्रेशन गुजरात की ओर बढ़ने के बाद कमजोर पड़ गया है, जिससे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां सीमित हो गई हैं. 3 अगस्त के बाद मानसूनी गतिविधियां फिर तेज होंगी और कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है.