नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में तेज और सुगम सफर का माध्यम बनी नमो भारत ट्रेन अब सुरक्षा के मोर्चे पर भी अहम भूमिका निभा रही है. दिल्ली- मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के सभी स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ अत्याधुनिक ‘फेस रिकाग्निशन’ तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके जरिए संदिग्धों और अपराधियों की पहचान करने के साथ कई घटनाओं को समय रहते रोकने में मदद मिली है.

स्टेशनों पर लगे कैमरों से मिलने वाली जानकारी और फेस रिकाग्निशन तकनीक के जरिए सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं. इस तकनीक ने यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई को भी आसान बनाया है.
बच्चे को देख हुआ शक
सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर कर्मचारियों ने एक महिला के साथ मौजूद बच्चे को लगातार रोते और असहज देखा. संदेह होने पर महिला से पूछताछ की गई. उसने बच्चे को अपना बताया, लेकिन बच्चे ने महिला को पहचानने से इंकार कर दिया. मामले को गंभीरता से लेते हुए स्टेशन स्टाफ ने तुरंत स्टेशन कंट्रोलर, सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने जांच और त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे के परिजनों का पता लगाया और उसे सुरक्षित उनके हवाले कर दिया. समय पर कार्रवाई से संभावित बड़ी अनहोनी को टालने में मदद मिली.
साहिबाबाद स्टेशन पर मिला
एक अन्य मामले में मुरादनगर से आनंद विहार की यात्रा के दौरान अपने परिजनों से बिछड़ा 10 वर्षीय बच्चा साहिबाबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर अकेला मिला. स्टेशन कर्मचारियों ने बच्चे को सुरक्षित अपने पास रखा और तुरंत ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) को सूचना दी. ओसीसी से जानकारी मिली कि बच्चे के माता-पिता आनंद विहार स्टेशन पर उसकी तलाश कर रहे हैं. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समन्वय कर बच्चे को उसके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई.
नमो भारत कॉरिडोर पर तकनीक और सुरक्षा कर्मचारियों की सतर्कता के जरिए इस तरह के मामलों में तेजी से कार्रवाई संभव हो रही है. इससे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भरोसा और मजबूत हुआ है.