चंडीगढ़ | हरियाणा के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में साफ- सफाई, हाउस कीपिंग और बागवानी जैसे जरूरी कार्यों के लिए सरकार की ओर से बजट जारी किया गया था, लेकिन फरीदाबाद, गुरुग्राम और झज्जर के संबंधित स्कूलों तक यह राशि अब तक नहीं पहुंची है. शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए तीनों जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) से जवाब मांगा है.

विभाग की ओर से फरीदाबाद, गुरुग्राम और झज्जर के DEEO को पत्र भेजकर पूछा गया है कि पहले से जारी बजट को संबंधित विद्यालयों में अब तक आवंटित क्यों नहीं किया गया. अधिकारियों को राशि जारी नहीं करने के कारणों के साथ अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं.
स्कूल प्रति माह
शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार, जिन राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में साफ- सफाई के लिए पार्ट टाइम वर्कर कार्यरत नहीं हैं, वहां सफाई, हाउस कीपिंग, बागवानी और इससे जुड़े अन्य जरूरी कार्यों के लिए 8 हजार रुपए प्रति विद्यालय प्रति माह की दर से बजट उपलब्ध कराया गया है. यह राशि विद्यालय अवकाश अवधि को छोड़कर साल में 10 माह के लिए निर्धारित की गई है. इस बजट का इस्तेमाल स्कूल परिसर की साफ- सफाई, शौचालयों की स्वच्छता, खेल मैदान की देखरेख और बागवानी समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए किया जाना है. ऐसे में स्कूलों को समय पर राशि नहीं मिलने से इन कार्यों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
विभाग ने मांगा हिसाब
शिक्षा विभाग ने तीनों जिलों के अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि सरकार की ओर से बजट जारी होने के बाद भी संबंधित विद्यालयों को राशि आवंटित करने में देरी क्यों हुई. विभाग यह भी जानना चाहता है कि बजट किस स्तर पर लंबित है और इसे स्कूलों तक पहुंचाने में क्या परेशानी सामने आई. अधिकारियों को अब इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण देना होगा. विभाग के इस कदम के बाद माना जा रहा है कि संबंधित स्कूलों को जल्द बजट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी आएगी.