चंडीगढ़ | हरियाणा में मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने का असर अब मौसम पर साफ दिखाई देने लगा है. बारिश में कमी के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस ने फिर से परेशान करना शुरू कर दिया है. अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है. हिसार में अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि नूंह, भिवानी और सिरसा में भी पारा लगातार चढ़ रहा है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक शुक्रवार को बारिश का दायरा सीमित रहेगा.

पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा रोहतक, हिसार, जींद, सिरसा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और महेंद्रगढ़ समेत प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.
गतिविधियां रहेंगी कमजोर
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश में मानसून की गतिविधियां धीमी रह सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटियों की ओर खिसकने की संभावना है. इससे हरियाणा में मानसूनी हवाएं कमजोर होंगी और बारिश की गतिविधियों में और कमी आ सकती है.
सीजन में 14% कम बारिश
1 जून से 26 अगस्त तक प्रदेश में 257.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 299.9 मिमी है. यानी अब तक बारिश 14% कम हुई है. हालांकि अगस्त में स्थिति अलग है. अगस्त में अब तक 109.9 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 96.1 मिमी है. इस तरह अगस्त में 14% ज्यादा बारिश दर्ज की गई. अगस्त के आंकड़ों में करनाल और अंबाला सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
करनाल और अंबाला में 51% बारिश की कमी है. कैथल में 49%, सिरसा में 47%, पंचकूला में 44%, रोहतक में 36% और जींद में 27% से 52% तक कमी दर्ज की गई है. भिवानी में सामान्य से 117% अधिक बारिश हुई है. फतेहाबाद में 50%, कुरुक्षेत्र में 19%, पलवल में 17%, चरखी दादरी में 11% और रेवाड़ी में 3% अधिक बारिश दर्ज की गई.