चंडीगढ़ | हरियाणा में मानसून की गतिविधियां अब कमजोर पड़ने लगी हैं. रेवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई लेकिन प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहा. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आज पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा, प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.

रोहतक, हिसार, जींद, सिरसा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और महेंद्रगढ़ समेत कई जिलों में आज बारिश की संभावना नहीं है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक भी प्रदेश में मानसून की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय नहीं रहेंगी.
257.9 मिमी बारिश दर्ज
1 जून से 26 अगस्त तक हरियाणा में कुल 257.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है. इस अवधि में सामान्य तौर पर 299.9 मिमी बारिश होती है. इस लिहाज से प्रदेश में अब तक 14% कम बारिश दर्ज की गई है. हालांकि, अगस्त में तस्वीर कुछ अलग है. इस महीने अब तक 109.9 मिमी बारिश हुई है जबकि सामान्य औसत 96.1 मिमी है. यानी अगस्त में प्रदेश में सामान्य से 14% अधिक बारिश हुई है.
आगे मानसून रहेगा कमजोर
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों में मानसूनी गतिविधियां धीमी रहने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटियों की ओर खिसकने के संकेत हैं. उत्तरी हरियाणा पर साइक्लोनिक सरकुलेशन बना हुआ है लेकिन मानसूनी हवाओं के कमजोर होने से बारिश में कमी आ सकती है.
रेड जोन में 7 जिले
बारिश की कमी के मामले में करनाल और अंबाला 51% की कमी के साथ सबसे ऊपर हैं. कैथल में 49%, सिरसा में 47%, पंचकूला में 44%, रोहतक में 36% और जींद में 27% से 52% तक कमी दर्ज हुई है. वहीं, भिवानी में सामान्य से 117% ज्यादा बारिश हुई है. फतेहाबाद में 50%, कुरुक्षेत्र में 19%, पलवल में 17%, चरखी दादरी में 11% और रेवाड़ी में 3% अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई.