नई दिल्ली | अगर समुद्र किनारे घूमने की बात हो तो मालदीव, अंडमान और गोवा जैसे नाम सबसे पहले याद आते हैं लेकिन भारत में भी कुछ ऐसी जगहें हैं, जहां पहुंचकर आपको विदेश जैसा एहसास हो सकता है. कर्नाटक का Netrani Island भी इन्हीं खूबसूरत जगहों में शामिल है. अरब सागर के बीच स्थित यह छोटा-सा द्वीप ऊपर से देखने पर दिल के आकार का दिखाई देता है. इसी वजह से इसे Heart Shape Island कहा जाता है. इसे Pigeon Island के नाम से भी पहचाना जाता है. Netrani Island कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में स्थित है और मुरुदेश्वर तट से करीब 19 किलोमीटर दूर है.
समुद्र के नीले पानी के बीच चट्टानी और हरे-भरे हिस्से वाला यह द्वीप दूर से बेहद आकर्षक दिखाई देता है. इसका दिल जैसा आकार इसकी सबसे खास पहचान है. इसी अनोखी आकृति की वजह से सोशल मीडिया पर भी इसकी तस्वीरें और वीडियो काफी पसंद किए जाते हैं.
Pigeon Island
नेतरानी को Pigeon Island कहे जाने के पीछे भी एक पुरानी पहचान जुड़ी है. बताया जाता है कि पहले इस द्वीप पर बड़ी संख्या में कबूतर पाए जाते थे. इसी वजह से इसे पिजन आइलैंड नाम मिला. हालांकि, आज इसकी पहचान समुद्री एडवेंचर और खूबसूरत अंडरवाटर वर्ल्ड के कारण ज्यादा होती है. नेतरानी उन पर्यटकों के लिए खास है जिन्हें पानी के अंदर की दुनिया देखने का रोमांच पसंद है. यह भारत के चर्चित Scuba Diving डेस्टिनेशन में गिना जाता है.
यहां Snorkeling जैसी एक्टिविटी भी पर्यटकों को आकर्षित करती है. समुद्र की सतह के नीचे उतरते ही अलग- अलग रंगों और समुद्री जीवन से भरी दुनिया दिखाई देती है. साफ पानी के कारण डाइविंग के दौरान समुद्र के भीतर रंग- बिरंगी मछलियां, कोरल, समुद्री कछुए और कई अन्य समुद्री जीव देखने का मौका मिल सकता है.
आइलैंड तक पहुंचना भी रोमांचक
नेतरानी आइलैंड तक सड़क से सीधे नहीं पहुंचा जा सकता. इसके लिए पहले मुरुदेश्वर या भटकल पहुंचना होता है. इसके बाद समुद्र के रास्ते स्पीड बोट से द्वीप के आसपास के क्षेत्र तक जाना पड़ता है. समुद्री परिस्थितियों के अनुसार बोट से करीब 45 से 60 मिनट लग सकते हैं. हालांकि, पर्यटकों को हर परिस्थिति में द्वीप पर उतरने की अनुमति नहीं होती. सुरक्षा और स्थानीय नियमों के अनुसार आमतौर पर समुद्री क्षेत्र में ही डाइविंग और अन्य गतिविधियां कराई जाती हैं.
इस समय जाना बेहतर
नेतरानी की यात्रा के लिए मौसम काफी मायने रखता है. आमतौर पर अक्टूबर से मई के बीच यहां समुद्री गतिविधियों के लिए परिस्थितियां बेहतर मानी जाती हैं. मानसून में तेज लहरों और खराब मौसम के कारण स्कूबा डाइविंग समेत अन्य वॉटर एक्टिविटीज प्रभावित हो सकती हैं. यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम की स्थिति और स्थानीय ऑपरेटरों से एक्टिविटीज उपलब्ध होने की जानकारी जरूर लेनी चाहिए.
अगर आप कर्नाटक की यात्रा के दौरान कुछ अलग और एडवेंचर से भरपूर अनुभव लेना चाहते हैं, तो यह जगह आपकी ट्रैवल लिस्ट में शामिल हो सकती है. मालदीव और अंडमान की तरह ही भारत का यह छोटा-सा द्वीप भी समुद्री खूबसूरती का शानदार अनुभव देता है.
