करनाल । करनाल के सेक्टर-6 में बिजली विभाग की लापरवाही से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. बिजली निगम द्वारा यहां पोल लगाने के लिए जेसीबी मशीन से गढ्ढा खोदा जा रहा है,जिस दौरान पाइप नैचुरल गैस की पाइपलाइन लीक हो गई. गैस लीक की वजह से क्षेत्र में गंध फैलने से लोगों में अफरातफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस व गैस कंपनी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और गैस सप्लाई को भी बंद करवाया गया. गैस कर्मचारियों की सुझबुझ से हादसा टलने से वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली. शाम करीब साढ़े सात बजे गैस सप्लाई दोबारा से सुचारू हों पाईं.
प्रतीकात्मक तस्वीर
पूरा घटनाक्रम मंगलवार का है जब सेक्टर-6 में अचानक गैस की गंध फैलने से लोग घरों से बाहर आकर इक्कठा हो गए. जब लोगों ने अपने आसपास के क्षेत्र में देखा तो बिजली विभाग के कर्मचारी पोल लगाने के लिए जमीन की खुदाई कर रहे थे. पोल लगाने के लिए खोदे गए गड्ढे से ही गैस की गंध आ रही थी.
गंध आने के बाद सेक्टर वासियों ने सबसे पहले बिजली विभाग का काम बंद करवाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी. उसके बाद आईजीएल कंपनी को भी सूचित किया गया. मौके पर पहुंची पुलिस और आईजीएल की टीम ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए गैस लीकेज को बंद करना चाहा तो पाइप ओर लीक हो गया. इस दौरान पुलिस ने किसी अनहोनी की आंशका के चलते दोनों तरफ से रास्तों को बंद करवा दिया.
अग्निशमन यंत्र की गाड़ी लेकर पहुंचे कंपनी के कर्मचारी
इसके बाद कंपनी के अधिकारियों को सूचित किया गया. सूचना मिलते ही अधिकारी व 10 से ज्यादा कर्मचारी पाइपलाइन की लीकेज ठीक करने पहुंचे. ऐतिहात के तौर पर कर्मचारी अपने साथ अग्निशमन विभाग की गाड़ी भी साथ लेकर आएं थे. करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने गैस लीकेज को बंद करने में सफलता हासिल की.
खुदाई से पहले कंपनी से संपर्क जरुरी
आईजीएल कंपनी के अधिकारी जसवंत सिंह ने बताया कि बिजली विभाग या अन्य विभाग के कर्मचारी ,कई जगहों पर बिना कंपनी को सूचित किए खुदाई कार्य शुरू कर देते हैं. इससे गैस की पाईप लीकेज की संभावना बनी रहती है. सभी विभागों को खुदाई को लेकर पत्र लिखकर पहले ही अवगत कराया जा चुका है कि शहर में कहां- कहां से गैस पाइपलाइन गुजरती है.
