बड़ी लापरवाही: बच्चों के मिड डे मील में रेंगते मिले कीड़े, वहीं 5 महीने पहले खराब हो चुका दूध का पैकेट बच्चों को गया बांटा

पानीपत | देशभर के स्कूलों में छोटी कक्षाओं के बच्चों के सेहत का ध्यान रखते हुए मिड डे मील योजना के तहत पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाता है. ताकि बच्चे शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ रहें. लेकिन इस बीच हरियाणा के पानीपत जिले से मिड डे मील योजना से जुड़ी एक ऐसी खबरें सामने आई है जिसे पढ़कर आपको लगेगा कि मिड डे मील पौष्टिक आहार के नाम पर बच्चों के सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.

school student

दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक, हरियाणा पानीपत के लालबत्ती चौक से मॉडल संस्कृति स्कूल में बच्चों को दिए गए आटे में कीड़े रेंगते मिले. वही जो दूध का पैकेट दिया गया था, वो 5 महीने पहले ही एक्सपायर्ड हो चुका था. जानकारी के मुताबिक जो दूध का पैकेट स्कूल प्रबंधन की ओर से छोटे बच्चों को बांटा गया था, उस पर मैन्युफैक्चरिंग डेट सितंबर 2020 की थी. जिस पर लिखा है कि 6 महीने के अंदर इस्तेमाल कर लिए जाना चाहिए. इस हिसाब से दूध का पैकेट फरवरी 2021 तक ही वैध था. अब जुलाई 2021 चल रहा है, इस हिसाब से छोटे मासूम बच्चों को 5 महीने पहले खराब हो चुका दूध दिया जा रहा था.

मिड डे मील के तहत दिए जाने वाले राशन में इस प्रकार की बड़ी लापरवाही का पता चलते ही बच्चों के अभिभावक शिकायत करने के लिए स्कूल पहुंच गए. शिकायत करने पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने कहा कि राशन और दूध का पैकेज बदल देंगे. वहीं अभिभावकों द्वारा आरोप लगाया गया कि स्कूल प्रबंधन अपनी गलती मानने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है. अभिभावकों के विरोध करने पर स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. इसी स्कूल में पहले भी मिड डे मील के राशन में धांधली की खबरें सामने आई थी.

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मामले को तेजी पकड़ते देख स्कूल की प्रिंसिपल प्रतिमा शर्मा ने बताया इस बात का आश्वासन दिया कि स्कूल प्रबंधन की तरफ से पूरे मामले को लेकर कार्रवाई की जाएगी. वही मिड डे मील के जिला इंचार्ज बृज मोहन गोयल ने कहा, पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी. जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब हो कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश के स्कूल लंबे समय से बंद थे इसलिए बच्चों को पका हुआ मिड डे मील के बजाय उनके घरों में राशन भिजवाया जा रहा था.

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Manoj Thayat
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