चंडीगढ़: ‘वर्ल्ड हेरिटेज कैपिटल कॉम्प्लेक्स’ पर्यटकों के लिए गया खोला, जानिए कैसे मिलेगी एंट्री

चंडीगढ़ | वर्ल्ड हेरिटेज कैपिटल कॉम्प्लेक्स देखने का सपना कोरोना महामारी के कारण पूरा नहीं हो रहा था. आधुनिक वास्तुकला की अमूल्य मिसाल वर्ल्ड हेरिटेज कैपिटल कॉम्प्लेक्स देखने का अगर आपका सपना है तो यह सपना अब पूरा हो रहा है. ढाई साल से कोरोना महामारी के चलते बंद पड़े राजधानी परिसर को अब पर्यटकों के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है. अब कोई भी पर्यटक यहां केवल प्लाजा में ओपन हैंड मॉन्यूमेंट, जियोमेट्रिक हिल और टावर ऑफ शैडो देखने नहीं आ सकेगा, बल्कि वह परिसर के मुख्य भवन, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, विधानसभा और सचिवालय के अंदर जाकर उन्हें देख सकेंगे.

world heritage capital complex chandigarh

70 साल पहले कंक्रीट से बनी इन इमारतों को चंडीगढ़ के निर्माता ले कॉर्बूजिए ने पंजाब एंड हरियाणा के दिमाग के रूप में विकसित किया था,ब्रेन इसलिए कहा गया क्योंकि ये दोनों राज्य यहां मौजूद तीन इमारतों से चलते हैं. फ्रांस, स्विटजरलैंड, जर्मनी, अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों से पर्यटक इमारत की अनूठी डिजाइन को देखने आते हैं. पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय, विधानसभा और सचिवालय सभी संवेदनशील इमारतें हैं. इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर अब तक उनमें प्रवेश नहीं मिल पाया था.।लेकिन अब इन्हें फिर से खोला जा रहा है. यूटी प्रशासन ने इन्हें खोलने के लिए सुरक्षा एजेंसियों से मंजूरी मांगी है. बताया जा रहा है कि अगले हफ्ते तक कॉम्प्लेक्स को पूरे लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

कैसे करें एंट्री

राजधानी परिसर को देखने के लिए सबसे पहले इसके प्रवेश द्वार पर बने पर्यटन केंद्र से पास लेना जरूरी है. यहां से टूरिस्ट्स को टूर में कॉम्प्लेक्स दिखाने के लिए ले जाया जाता है। यह दिन में तीन बार टूयर जाता है। इसमें पहला दौरा सुबह 10 बजे, फिर 12 बजे और तीसरा दौरा तीन बजे जाता है. इन दौरों का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से गाइड पर्यटक को भवन की विशेषता बताएगा। मास्क और उचित दूरी का ध्यान रखना होगा। आप यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी कर सकते हैं। पास के लिए फोटो पहचान पत्र अनिवार्य होगा।

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संरक्षण के लिए अभियान

इंजीनियरिंग विभाग ने यूनेस्को के दिशानिर्देशों के अनुसार बहाली और रखरखाव के काम के साथ ले कॉर्बूजिए के राजधानी परिसर को वही मूल स्वरूप दिया है। अब इसका कंक्रीट बाहर से बिल्कुल वैसा ही दिखता है। पहले इस बाहरी रूप पर पानी के कारण शैवाल जमा हो गए थे। भवन के अंदर अनावश्यक परिवर्तन भी हटा दिए गए हैं। पंजाब और हरियाणा को भी सचिवालय में किए गए बदलावों को हटाने के लिए कहा गया।

ऐसा है डिजाइन

सिटी ब्यूटीफुल को आर्किटेक्ट ली कार्बुजिए ने सन, अंतरिक्ष और साइलेंस के सूत्र पर डिजाइन किया था. उसी के आधार पर कैपिटल कॉम्प्लेक्स भी बनाया गया था. इसकी खासियत यह है कि पूरा परिसर कंक्रीट का बना है. यह पूरी दुनिया के लिए वास्तुकला के काम का एक अनूठा उदाहरण है.।यह पंजाब एंड हरियाणा विधानसभा परिसर की मुख्य इमारत है. इसे सीप्लेन की तरह बनाया गया है. हाई कोर्ट का डिजाइन शिप पोर्ट की तरह है.

मिलेंगी ये सुविधाएं

सचिवालय भवन में किसी भी सात सितारा होटल की तुलना में अधिक वीआईपी कमरे हैं. निर्माण में ऐसी सामग्री है कि तेज भूकंप में इमारत ढहेगी नहीं बल्कि एक तरफ झुक जाएगी.

शहर की ये है पहचान

चंडीगढ़ की पहचान ओपन हैंड मॉन्यूमेंट है। धातु से बना खुला स्मारक हवा की दिशा के साथ दिशा बदलता रहता है। स्मारक के नीचे ओपन असेंबली की गई है। इसमें सभी के लिए बोलने की आजादी, सुनने की आजादी का संदेश है। इसका मतलब ओपन टू गिव और ओपन टू रिसीव भी है

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.