नई दिल्ली | टोक्यो ओलम्पिक में भाला फेंक इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले नीरज चोपड़ा ने एक और खास उपलब्धि अपने नाम कर ली है. नीरज ने फिनलैंड के पावो नुरमी गेम्स में मंगलवार को 89.30 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ अपने ही राष्ट्रीय रिकार्ड में सुधार कर रजत पदक जीतकर देश को फिर से गोरवान्वित किया है. बता दें कि इससे पहले टोक्यो ओलम्पिक के दौरान नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर भाला फेंक कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया था. इसी प्रदर्शन के दम पर ही उन्होंने टोक्यो ओलम्पिक में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था.
दूसरे नंबर पर रहे नीरज
दस महीने बाद किसी टूर्नामेंट में खेलने उतरे नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 89.30 का थ्रो किया जो उनका निजी सर्वश्रेष्ठ थ्रो बना. उन्होंने पहले प्रयास में 86.92 मीटर का थ्रो किया था, जबकि उनके तीसरे, चौथे और पांचवें प्रयास अमान्य करार दिए गए. नीरज ने अपने आखिरी प्रयास में 85.85 मीटर के थ्रो के साथ समापन किया. नीरज ने भले ही खुद का रिकॉर्ड ध्वस्त कर लिया हो लेकिन वह फिनलैंड के ओलिवियर हेलांडेर से पीछे रहकर दूसरे स्थान पर रहे, जिससे उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा. हेलांडेर ने 89.93 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया.
खुद को दबाव में नहीं चाहते लाना
90 मीटर से आगे भाला फेंकने के सवाल पर बोलते हुए नीरज चोपड़ा ने कहा कि वह 90 मीटर से आगे फेंकने के विचार से खुद को दबाव में नहीं डालेंगे और अमेरिका के यूजीन में 15-24 जुलाई की विश्व चैंपियनशिप के दौरान धीरे-धीरे शिखर तक पहुंचने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि मैं हर प्रतियोगिता में अच्छे से अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करुंगा और इसके लिए लगातार मेहनत जारी है.
बता दें कि टोक्यो ओलम्पिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरज ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनका अगला टारगेट 90 मीटर तक भाला फेंकना है. उन्होंने कहा कि अगर वो ऐसा कर पाए तो नीरज चोपड़ा का नाम दुनिया के सबसे बेहतरीन थ्रोअर में होगा. बता दें कि नीरज चोपड़ा टोक्यो ओलम्पिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश के युवाओं के प्रेरणास्रोत बन चुके हैं और हर युवा उनसे प्रेरणा लेकर देश के लिए कुछ करना चाहते हैं.
