आदमपुर उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी के ये 3 नेता बिगाड़ सकते हैं कुलदीप बिश्नोई का खेल, टिकट के हैं मजबूत दावेदार

हिसार | हरियाणा के आदमपुर में उपचुनाव (Adampur Byelection) का बिगुल बज चुका है. यहां 3 नवंबर को मतदान होगा और 6 नवंबर को नतीजा घोषित किया जाएगा. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यहां से कुलदीप बिश्नोई के पुत्र भव्य बिश्नोई को चुनावी रण में उतारा है जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से सतेन्द्र सिंह चुनाव लडेंगे. कांग्रेस और इनेलो भी आदमपुर उपचुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित करने को लेकर माथापच्ची कर रही है.

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कांग्रेस की ओर से जिन तीन उम्मीदवारों को टिकट मिलने की संभावना है उनमें संपत सिंह, जयप्रकाश उर्फ जेपी और प्रदीप बेनिवाल की दावेदारी मजबूत बताई जा रही है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि इन तीनों में से पार्टी किसे आदमपुर उपचुनाव के लिए चुनावी रण में उतारती है. आइए इन तीनों प्रत्याशियों के राजनीतिक करियर पर एक नजर डालते हैं…

प्रदीप बेनिवाल

हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा और उनके सांसद पुत्र दीपेंद्र हुड्डा का पूरा फोकस इन दिनों आदमपुर पर है. प्रदेशाध्यक्ष उदयभान को साथ लेकर पिता-पुत्र पूर्व कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई के गढ़ में सेंध लगाने में जुटे हैं. कुलदीप बिश्नोई के गढ़ को ढहाने के लिए भुपेंद्र हुड्डा ने हाल ही में प्रदीप बेनिवाल को कांग्रेस पार्टी में शामिल करवाया है. प्रदीप बेनिवाल बिश्नोई सभा हिसार के प्रधान रह चुके हैं. प्रदीप बेनीवाल चौधरी स्व. पोखरमल बेनीवाल के सुपुत्र हैं, जो बिश्नोई महासभा के प्रधान रहे हैं.

भजनलाल परिवार को आदमपुर में मजबूती देने के पीछे पोखरमल बेनीवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. ऐसे में पार्टी यदि आदमपुर उपचुनाव के लिए प्रदीप बेनिवाल को टिकट देती है तो भव्य बिश्नोई के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

जयप्रकाश उर्फ जेपी

2014 विधानसभा चुनावों में कलायत हल्के से आजाद प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज करने वाले जयप्रकाश उर्फ जेपी पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र हुड्डा के खासमखास माने जाते हैं. लोगों के बीच चर्चा है कि अगर आदमपुर हल्के से कुलदीप बिश्नोई के गढ़ में कोई सेंध लगा सकता है तो वह नेता जयप्रकाश उर्फ जेपी ही है.

इससे पहले भी जयप्रकाश एक बार आदमपुर से कुलदीप बिश्नोई के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं और उस चुनाव में कुलदीप बिश्नोई को जेपी ने हार की दहलीज पर पहुंचा दिया था लेकिन कुलदीप यह चुनाव आखिरकार लगभग 6 हजार वोटों से जीतने में कामयाब रहे थे. इस बार भी आदमपुर उपचुनाव के लिए पहले प्रत्याशी के तौर पर जेपी का नाम ही सबसे उपर चल रहा है.

संपत सिंह

हरियाणा कांग्रेस ने आदमपुर उपचुनाव से पहले ही कुलदीप बिश्नोई को उसके गढ़ में हराने के लिए बिश्नोई के धूर विरोधी पूर्व मंत्री प्रो संपत सिंह को पार्टी ज्वाइन कराई थी. संपत सिंह का हिसार क्षेत्र में प्रभाव है और वह आदमपुर से भी चुनाव लड़ चुके हैं. शुरू से ही प्रो. संपत सिंह और कुलदीप बिश्नोई एक-दूसरे विरोधी रहे हैं.

वर्ष 2016 में कुलदीप बिश्नोई के दोबारा से कांग्रेस में आने के बाद 2019 में संपत सिंह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था. उस समय संपत सिंह ने नलवा से टिकट कटने पर कुलदीप बिश्नोई पर गंभीर आरोप लगाए थे. ऐसे में संपत सिंह के राजनीतिक प्रभाव को भुनाने के लिए कांग्रेस पार्टी उन्हें आदमपुर उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित कर सकती हैं.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.