अंबाला | देशभर में नवरात्रि (Navratri 2025) की धूम मची हुई है. माता रानी के भक्त अपनी- अपनी मान्यताओं और श्रद्धा के साथ माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा- अर्चना कर रहे हैं. मां शेरावाली के भक्त अपने आसपास के इलाकों के मंदिरों में देवी मां की पूजा- अर्चना कर रहे हैं. नवरात्रि के 9 दिनों के दौरान माता के अलग- अलग स्वरूपों की पूजा होती है. लोग अपने घरों में कलश स्थापित कर मां भगवती की आराधना करते हैं.
आस्था का केंद्र बना अंबिका देवी मंदिर
हरियाणा के अंबाला जिले में मां अंबा देवी का प्राचीन मंदिर है, जो श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है. दूर- दूर से माता रानी के भक्त इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं. पौराणिक मान्यता है कि यहां देवी मां ने भक्तों को पिंडी रूप में दर्शन दिए थे. तब से लेकर अब तक यहां मां अंबिका की पिंडी रूप में पूजा होती है. मां अंबा देवी के नाम से ही अंबाला का नाम भी जुड़ा हुआ है. भक्त मानते हैं कि मां भगवती उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं.
मंदिर के पुजारी जतिन शर्मा ने बताया कि अंबाला शहर का अंबिका देवी से पुराना नाता है और शहर का नाम मां अंबा के नाम से ही पड़ा है. नवरात्रों के बाद से ही मंदिर में दूर- दूर से श्रद्धालु जाकर माथा टेकते हैं. नवरात्रि के पहले दिन यहां शाम के समय मां भगवती का फूल और ड्राई फूड से विशेष श्रृंगार किया गया.
भक्तों की होती है मनोकामना पूरी
मंदिर में आई श्रद्धालु श्वेता ने जानकारी दी कि वह नवरात्रि के पहले दिन मां अंबिका देवी मंदिर में माता टेकने के लिए आई हैं. उन्होंने अपने घर में माता रानी के नाम से कलश स्थापित किया है. उन्होंने बताया कि हर साल नवरात्रि के दौरान वह मां अंबिका देवी मंदिर में देवी मां के दर्शन के लिए आती हैं. उनकी सभी मनोकामनाएं यहां आकर पूर्ण हो जाती हैं.
