पहली बार अंबाला के रनवे पर लैंड होगे घरेलू फ्लाइट के विमान, मिली वायुसेना की मंजूरी

अंबाला । अंबाला से घरेलू  फ्लाइट सेवा शुरू करने के लिए अब सारी अड़चनें व औपचारिकताएं तकरीबन खत्म हो गई है. उम्मीद की जा रही है कि अगले 2-3 सालों में यहां के लोग देश के कई बड़े शहरों में आने-जाने के लिए विमान सेवा का लुत्फ उठा पाएंगे. अंबाला के विमान सेवा के मानचित्र में आ जाने से कई क्षेत्रों में तरक्की के नए दरवाजे खुलेंगे. यहां के लोग इसे गृहमंत्री अनिल विज की अंबाला को दी जाने वाली बड़ी सौगात मान रहे हैं. गृहमंत्री विज पिछले कई दिनों से इस परियोजना को सिरे लगाने की कोशिश में जुटे हुए थे.

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डोमेस्टिक एयरपोर्ट के लिए केवल जमीन ही नहीं, बल्कि वायुसेना के एक अति संवेदनशील रनवे का इस्तेमाल करना एक टेड़ा काम था. विज ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके इस सबसे बड़ी दिक्कत को जैसे -तैसे करके सुलझाने का काम किया है. अंबाला एयरबेस पर राफेल मिग-21 व जेगुआर जैसे कई लड़ाकू विमानों का बेड़ा तैनात हैं. वैसे भी एयरबेस के आसपास का क्षेत्र नो फ्लाइंग ज़ोन घोषित किया हुआ है. करीब 100 साल बाद इस रनवे का इस्तेमाल गैर सामरिक काम के लिए होगा.

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सामरिक लिहाज से एयरबेस काफी संवेदनशील

सामरिक लिहाज से यह एयरफोर्स स्टेशन काफी संवेदनशील व महत्वपूर्ण है. बालाकोट एयर स्ट्राइक के लिए भी लड़ाकू विमानों ने यहीं से उड़ान भरी थी. शायद यही वजह थी कि 2018 में घरेलू एयरपोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद करीब 3 सालों तक अंबाला एयरबेस के रनवे के इस्तेमाल को लेकर वायुसेना में काफी कशमकश चलती रही. भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक रक्षामंत्री की दखलअंदाजी के बाद रनवे की इजाजत मिल पाई.

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सुरक्षा व गोपनीयता पर होगा विशेष ध्यान

घरेलू एयरपोर्ट के लिए वायुसेना स्टेशन के आसपास कई जगहों पर जमीनें देखी गई और आखिरकार वायुसेना स्टेशन के बिल्कुल सामने रक्षा विभाग की खाली पड़ी जमीन पर अंतिम मुहर लगाई गई. इस मामले को लेकर अनिल विज ने दो बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी. नए एयरपोर्ट का निर्माण करते समय एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा व गोपनीयता का विशेष ध्यान रखना होगा.

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एयरपोर्ट की होगी सिंगल टर्मिनल बिल्डिंग

इस एयरपोर्ट से केवल स्थानीय उड़ाने ही शुरू होनी है, इसलिए संभवत शुरू में यहां सिंगल टर्मिनल बिल्डिंग का ही निर्माण होगा. एयरपोर्ट को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए सेना क्षेत्र की सड़क की चौड़ाई भी बढ़ानी होगी. एयरपोर्ट के चालू होने के बाद यहां औघोगिक निवास की संभावनाएं भी बढ़ेगी और उम्मीद है कि कुछ बड़े कारपोरेट घराने भी यहां अपना कोई बड़ा प्रोजेक्ट लगाएं. सबसे ज्यादा रौनक जग्गी सिटी सेंटर व एयरपोर्ट स्टेशन पर जाने वाली सड़क पर बढ़ेगी, जहां क्रोकरी व सजावटी वस्तुओं की थोक मार्केट पिछले कई सालों से चल रही है.

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