अंबाला | भारतीय रेलवे (Indian Railways) में प्रमोशन चाहने वाले कर्मचारियों को अब नई व्यवस्था से परीक्षा देनी होगी. रेलवे बोर्ड की तरफ से सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (जीडीसीई) के परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है. बोर्ड ने इसे लेकर दिशा- निर्देश जारी किए हैं. बोर्ड द्वारा दिए गए नए ऑर्डर के मुताबिक अब जीडीसीई परीक्षा का लेवल सीधे भर्ती के जैसे ही चुनौतीपूर्ण रहेगा.
एक चरण की सीबीटी परीक्षा
रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय गोयल की तरफ से जारी लेटर के मुताबिक, तकनीशियन, जूनियर इंजीनियर और एनटीपीसी के ग्रेजुएट व नॉन- ग्रेजुएट जैसे पदों के लिए सिर्फ एक चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) आयोजित होगी. यह परीक्षा ठीक उसी पैटर्न पर आधारित होगी जो रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) द्वारा सीधी भर्ती के दूसरे चरण के लिए आयोजित की जाती है.
परीक्षा पैटर्न पूर्ण रूप से स्पष्ट
असिस्टेंट लोको पायलट (एएलपी) के पदों के लिए परीक्षा पैटर्न को पूरी तरह स्पष्ट किया गया है. परीक्षा संरचना के तहत 100 अंकों का एक वस्तुनिष्ठ प्रश्न पत्र दिया जाएगा. अभ्यर्थियों को 100 सवालों के लिए 120 मिनट का टाइम दिया जाएगा. परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होगी. हर गलत उत्तर देने पर 1/3 अंक कटेंगे. इसमें गणित (25%), जनरल इंटेलिजेंस (25%), बेसिक साइंस एंड इंजीनियरिंग (25%) और ट्रेड स्पेसिफिक सेक्शन (25%) से सवाल शामिल होंगे.
पुरानी भर्तियां भी होंगी प्रभावित
बोर्ड की तरफ से साफ किया गया है कि जिन जोन में अब तक सीबीटी आयोजित नहीं हुई है, वहां रेलवे प्रशासन स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक नए सिरे से नोटिफिकेशन जारी कर सकता है. खासतौर पर एएलपी के उन मामलों में जहां अभी तक परीक्षा नहीं हुई है, वहां संशोधित अधिसूचना के जरिए नए आवेदन का मौका देना कंपलसरी रहेगा. यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जा चुकी है. बोर्ड की ओर से सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि भविष्य में निकलने वाली सभी सूचनाएं इसी नए पैटर्न के मुताबिक होनी चाहिए.
