भिवानी, महेंद्रगढ़ व दादरी के एनसीआर में शामिल रहने पर मंडराये संकट के बादल, जानिये पूरा मामला

महेंद्रगढ़ । हरियाणा के महेंद्रगढ़, दादरी व भिवानी जिले को एनसीआर में शामिल रहने को लेकर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. बता दे कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की नई प्लानिंग के मुताबिक यह जिले एनसीआर की सीमा से बाहर हो जाएंगे. केंद्र सरकार द्वारा नई प्लानिंग को मंजूरी देने की बात सामने आई. परंतु अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है,  इसका अंतिम फैसला राज्य सरकार पर छोड़ दिया गया है . अब यह राज्य सरकार तय करेगी कि इन जिलों को एनसीआर से अलग किया जाए या नहीं .

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अब यह 3 जिले नहीं होंगे दिल्ली एनसीआर में शामिल

वही एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की नई प्लानिंग के पूरे जिले में चर्चे हो रहे हैं. वही इस पर लोगों की भी मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है कुछ का कहना है कि यह गलत हो रहा है, वहीं दूसरी और कुछ कहते हैं कि एनसीआर में शामिल होने से फायदे कम, नुकसान ज्यादा है इसलिए अगर एनसीआर से अलग हो जाए तो कोई बुराई नहीं है. बता दे कि महेंद्रगढ़, दादरी व भिवानी जिले को 2005 में एनसीआर में शामिल किया गया था.

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कांग्रेस के शासनकाल में इसका दायरा बढ़ाया गया था. पहले केवल दिल्ली व आसपास के क्षेत्र ही एनसीआर में शामिल होते थे. परंतु बाद में इसका दायरा बढ़ा तो तत्कालीन सांसद श्रुति चौधरी ने इसकी सिफारिश की थी. जिसके बाद यह तीनों जिले एनसीआर में शामिल हो गए थे, वही एनसीआर में शामिल होने के बाद यहां के लोगों को कोई फायदा नहीं मिला. परंतु आगे इसके संभावित फायदे गिनाए जा रहे हैं. दिल्ली एनसीआर में जो इलाके है वह चार राज्यों में फैले हुए हैं.

चार राज्यों की बैठक में हाल ही में एनसीआर का दायरा दोबारा तय करने को लेकर एक बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की गई है. नेशनल कैपिटल रीजन के प्रस्तावित डेली नेशन के बीच का रास्ता निकालने की इस कोशिश के बाद एनसीआर के कुल इलाकों में कमी आ सकती है. बताया जा रहा है कि एनसीआर की नई सीमा 100 किलोमीटर तय की गई है. वही पहले यह 150 किलोमीटर थी. जिस वजह से भिवानी महेंद्रगढ़ व दादरी जिले को एनसीआर मे शामिल किया गया था.

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अगर यह सीमा 100 किलोमीटर ही रह जाती है तो यह तीनों जिले एनसीआर क्षेत्र से बाहर हो जाएंगे. हरियाणा ने अपने काफी इलाकों को एनसीआर से बाहर निकालने की योजना बनाई है. चारों राज्यों की मीटिंग में एक आम राय यह बनी है कि दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर के सर्कल दायरे में आने वाले इलाकों को नेशनल कैपिटल रीजन में शामिल किया जाएगा.

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