भिवानी | खेल मैदान से हरियाणा के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. बता दें कि मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर में आयोजित हुई एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत की बेटियों ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 4 गोल्ड मेडल और 2 सिल्वर पदक अपने नाम किए. इनमें हरियाणा की बेटियां प्रीति पंवार, प्रिया घणघस और मीनाक्षी हुड्डा ने गोल्ड मेडल जबकि जैस्मिन लंबोरिया ने सिल्वर मेडल जीता. वहीं, पूजा चौधरी ने भी कांस्य पदक हासिल किया.

हरियाणा का बढ़ाया गौरव
54 किलोग्राम भारवर्ग में भिवानी जिले के गांव बड़ेसरा की बेटी प्रीति पंवार ने ताइवान की तीन बार की विश्व चैंपियन महिला मुक्केबाज को 5- 0 के एकतरफा अंतर से हराते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. साल 2017 में मुक्केबाजी खेलना शुरू करने वाली प्रीति इससे पहले भी नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर आयोजित खेलों में पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी हैं.
60 किलोग्राम भारवर्ग में भिवानी जिले के गांव धनाना निवासी प्रिया घणघस ने उत्तर कोरिया की उन ग्योंग वोन को 3- 0 से हराते हुए गोल्ड मेडल जीता. गोल्ड मेडल जीतने की खुशी में उनके परिवार सहित पूरे गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है और हर कोई उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर रहा है.
भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत भिवानी की बेटी जैस्मिन लंबोरिया को फाइनल मुकाबले में थाईलैंड की मुक्केबाज पुनरावी रुएनरोस के हाथों 5- 0 से हार का सामना करते हुए सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. इससे पहले जैस्मिन साल 2025 में इंग्लैंड के लीवरपूल, कजाकिस्तान और नोएडा में आयोजित विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी है. उनकी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए पिता जयवीर ने इसे पूरे देश के लिए गौरवमई बताया.
इन बेटियों ने बढ़ाया सम्मान
- 48 किलोग्राम भारवर्ग में मीनाक्षी हुड्डा ने मंगोलिया की नोमुंदारी एंख- अमगालन को 5- 0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता.
- 70 किलोग्राम भारवर्ग में राजस्थान की अरुंधति चौधरी ने कजाकिस्तान की बकित सेइडिश को 4- 1 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया.
- 80+ किलोग्राम भारवर्ग में अल्फिया पठान ने सिल्वर मेडल हासिल किया. फाइनल मुकाबले में उन्हें कजाकिस्तान की दीना इस्लम्बेकोवा के हाथों 5- 0 से हार का सामना करना पड़ा.