हरियाणा में 17 लाख बच्चों को नौ महीने से नहीं मिला छात्रवृत्ति और वर्दी भत्ता, ये है बड़ा कारण

चंडीगढ़ | हरियाणा में चालू शैक्षणिक सत्र में पहली से 8वीं तक के बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति और वर्दी भत्ता नहीं दिया नहीं मिल पाया है. इसे शिक्षा विभाग के आईटी सेल की नाकामी कहें या एक ही छत के नीचे स्थित शाखाओं में समन्वय की कमी, चालू शैक्षणिक सत्र के नौ महीने बाद भी सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक के करीब 17 लाख बच्चों की छात्रवृत्ति और वर्दी भत्ता जारी नहीं किया जा सका है.

SCHOOL STUDENT

शिक्षक संघ ने की ये मांग

एमआईएस पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं होने के कारण बच्चों का लगभग 260 करोड़ रुपये का वजीफा और वर्दी भत्ता लंबित है. राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव सुनील ने मांग की है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री कंवरपाल मामले का तत्काल संज्ञान लें और संबंधित शाखा की जवाबदेही तय कर कार्रवाई करें. उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों का वर्दी भत्ता लगभग 83 करोड़ 87 लाख रुपये जबकि मध्यम स्तर के बच्चों का वर्दी भत्ता 63 करोड़ रुपये लंबित है.

अनुसूचित जाति का करोड़ों रुपये बकाया

कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के बच्चों पर 101 करोड़ रुपये जबकि पिछड़ा वर्ग-ए के बच्चों पर 13 करोड़ रुपये बकाया है. अब भी 10 हजार से अधिक बच्चों का डाटा एमआईएस पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका है. दरअसल, हर छात्र का पूरा रिकॉर्ड जैसे जन्मतिथि, श्रेणी, माता-पिता का व्यवसाय, पता, शैक्षिक योग्यता, आय, बैंक खाता, छात्र की पढ़ाई और उसके स्वास्थ्य की पूरी जानकारी इस पोर्टल पर दर्ज है. पोर्टल पर सही डाटा अपडेट करने की पूरी जिम्मेदारी आईटी सेल की है.

यह भी पढ़े -  हरियाणा में डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारी, सरकार ने बदली PG पॉलिसी

इस वजह से हो रही समस्या

बता दें कि पीएफएमएस योजना के तहत सभी प्रकार के सरकारी प्रोत्साहन और भत्तों की राशि संबंधित विभाग द्वारा लाभार्थी के आधार नंबर से जुड़े बैंक खाते में जमा की जाती है. बच्चों के खातों में यूनिफॉर्म व अन्य भत्तों की राशि नहीं डालने का कारण एमआईएस पोर्टल पर पीएफएमएस के लिए जरूरी डाटा अपडेट नहीं होना है.

Avatar of Pravesh Chauhan
Pravesh Chauhan
View all posts

मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.