हरियाणा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कर रही है प्रदर्शन, जानिए क्या है वजह

चंडीगढ़ । कड़ाके की ठंड के बीच बीते 47 दिनों से हरियाणा में हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं. आपको बता दें राज्य सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में कुछ घोषणा किए जाने के बावजूद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रही है.

Aasha Workers

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का क्या होता है काम

राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की बात करें तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका 0-6 आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों की देखभाल के लिए सरकार की एकीकृत बाल विकास योजना के तहत नियुक्त की जाती है. जो अपने क्षेत्र के हिसाब से गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के पौष्टिक आहार व राशन की आपूर्ति, एवं स्वास्थ्य से जुड़े जानकारी उपलब्ध कराती है. इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मतदान से पहले चुनाव प्रक्रिया में सहायक के रूप में अपना योगदान देते हैं. वही कोरोना महामारी के इस दौर में वह अपने कर्तव्यों के पालन की वजह से उन्हें फ्रंटलाइन वर्कर्स की श्रेणी में रखा गया है.

आंगनबाड़ी संघ नेताओं ने ये कहा

वही हरियाणा में प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक संघ के नेता के अनुसार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को गांवों में कोविड केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मचारियों की सहायता करने के लिए लगाया गया था. जिन्होंने संदिग्ध कोविड रोगियों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थीं. उन्होंने कोविड के मानदंडों का पालन करने के लिए जागरूकता अभियानों में भी भाग लिया. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हाल ही में कोविड -19 के दौरान फ्रंटलाइन पर काम करने के लिए सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 1,000 रुपये के प्रोत्साहन की घोषणा की थी.

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प्रदर्शन की क्या है वजह

आपको बता दें केंद्र सरकार के सहयोग और हरियाणा सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह ₹11,811 और सहायिकाओं को ₹6045 मानदेय दिया जाता है.
वही आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मानदेय राज्य सरकार द्वारा हाल ही में घोषित किए गए संविदा कौशल श्रमिक वेतन(14,330 -17,520) से भी कम है। उनका कहना यह भी है कि 2018 में पीएम मोदी द्वारा घोषणा की गई थी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मासिक आय 1,500 रुपए और आंगनबाड़ी सहायिकाओं की आय ₹700 बढ़ाई जाएगी.
इसी के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांग है कि उन्हें सरकारी कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता दिया जाए.

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सरकार का क्या है मत

वही सरकार का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकारी कर्मचारी नहीं है बल्कि बाल विकास योजना के तहत कार्यरत कार्यकर्ता है। और केवल इसलिए वे मानदेय के हकदार हैं.
साथ ही हरियाणा सरकार का यह भी कहना है की हरियाणा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय उत्तर भारत में सबसे अधिक है.
वही हरियाणा सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मीडिया को साझा किए गए डाटा के मुताबिक “”आंगनवाड़ी सहायिकाओं के लिए हरियाणा के 6,045 रुपये के मानदेय की तुलना में, छत्तीसगढ़ 2,350 रुपये, मध्य प्रदेश को 4,100 रुपये, पश्चिम बंगाल को 3,900 रुपये और पंजाब को 3,150 रुपये का भुगतान किया जाता है.”

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सबसे अधिक मनोदय देने की लिस्ट में हरियाणा सरकार

हरियाणा के महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने दावा किया है की,”आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सबसे ज्यादा मानदेय देने वाले तीन राज्यों की लिस्ट में हरियाणा का नाम शामिल है. इसी के साथ मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति पर एक लाख रुपये और आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में दो लाख रुपये देने की भी घोषणा की है.

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