चंडीगढ़ | हरियाणा में मजदूरों और कामगारों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि नायब सैनी सरकार ने मजदूरी की न्यूनतम दर को बढ़ाने का फैसला किया है. इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष समिति का गठन कर लिया है, जिसमें संयुक्त श्रम आयुक्त और उप श्रम आयुक्त के साथ नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधित्वों को शामिल किया है. यह समिति राज्य में मौजूद मजदूरी दरों की समीक्षा करेगी.

हरियाणा में 90 दिनों में देनी होगी रिपोर्ट
प्रदेश सरकार द्वारा गठित समिति को करीब 90 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को देनी होगी. इसके बाद, सरकार समिति की सिफारिशों के आधार पर ही मजदूरी दरों में बदलाव करेगी. रिपोर्ट आने के बाद राज्य के लाखों मजदूरों को इसका लाभ मिलेगा. श्रम विभाग के प्रधान राजीव रंजन द्वारा गठित समिति में संयुक्त श्रम आयुक्त परमजीत सिंह ढुल को अध्यक्ष के रूप में चुना गया है.
मजदूरों को मिले उचित पारिश्रमिक
इस समिति में श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है जो महंगाई दर, जीवन यापन के खर्चें और श्रमिकों की वर्तमान आय जैसे मामलो पर अध्ययन करेगी. सरकार का मानना है कि न्यूनतम मजदूरी से श्रमिकों को ही नही बल्कि राज्य को भी लाभ मिलेगा क्योंकि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी. सरकार का उद्देश्य श्रमिकों को मेहनत के बदले उन्हे उनकी उचित मजदूरी देना है. अब सभी की नजरे सरकार के फैसले पर टिकी है.