चंडीगढ़ । हरियाणा मंत्रिमंडल का विस्तार विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले हो सकता है. उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दोनों दलों के बीच बनी सहमति के आधार पर इसके संकेत दिए हैं. बता दे कि वीरवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर दिल्ली पहुंचे. उनकी संसद सत्र में व्यस्तता की वजह से गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात नहीं हो पाई. 17 दिसंबर से विधानसभा सत्र शुरू होने वाला है. इससे पहले मुख्यमंत्री एक बार दोबारा दिल्ली जा सकते हैं.
17 दिसंबर से शुरू होगा शीतकालीन विधानसभा सत्र
मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात करेंगे. इससे पहले भी मुख्यमंत्री 26 नवंबर को पीएम मोदी से मुलाकात कर चुके हैं. इस मुलाक़ात में मंत्रिमंडल विस्तार सहित राज्य में लंबित राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चर्चा की गई. इसके बाद अब सीएम को अंतिम मुहर के लिए पार्टी शीर्ष नेतृत्व से मिलना है. बता दें कि इस मुलाकात में ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल को राज्य में किसान संगठन आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी के संबंध में दिशा निर्देश मिल सकते हैं.
तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा यह सैद्धांतिक रूप से स्पष्ट किया जा चुका है कि किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस होंगे, मगर इनकी क्या प्रक्रिया होगी अभी तक यह तय नहीं हुआ है. सीएम के अलावा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और राज्य भाजपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ भी किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की बात कह चुके हैं. अब राज्य सरकार की नजर 4 दिसंबर तक किसान संगठनों की रणनीति पर रहेगी. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के कानून के मुद्दे पर भी अपना नजरिया स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने इसके लिए एक अलग कमेटी के गठन का प्रस्ताव दिया है. इसमें किसान संगठनों के नेताओं को भी केंद्र सरकार आमंत्रित कर चुकी है.
