हरियाणा में दुर्गति की ओर दुष्यंत चौटाला की JJP, सभी 10 सीटों पर जमानत बचाना भी मुश्किल

चंडीगढ़ | हरियाणा में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिखाई दिए माहौल के अनुरूप ही आज नतीजे आ रहें हैं. एग्जिट पोल में भाजपा के पक्ष में जो आंकड़े दिखाए गए थे, वैसा आज कुछ भी नजर नहीं आ रहा है. यानि पार्टी का प्रदर्शन बेहद ही साधारण रहा है. खबर लिखे जाने तक BJP महज 4 सीटों पर ही बढ़त बनाए हुए थी, जबकि 5 सीटों पर कांग्रेस और एक सीट पर आप पार्टी के उम्मीदवार की बढ़त बनी हुई है.

JJP

JJP का प्रदर्शन बेहद खराब

2019 के विधानसभा चुनावों में 10 सीटें जीतकर भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनाने वाली JJP का प्रदर्शन बेहद खराब बना हुआ है. आज लोकसभा चुनावों के लिए जारी मतगणना में उनके प्रत्याशियों के हर सीट पर बुरे हाल दिखाई दे रहे हैं. पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और अजय चौटाला के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव लड़ने उतरी JJP को भारी नुक़सान होता दिख रहा है.

अगर हिसार लोकसभा सीट की बात करें तो खुद दुष्यंत चौटाला की मां नैना चौटाला को अब तक की काउंटिंग में 10 हजार वोट भी नहीं हासिल हुए हैं. उनसे आगे बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी चल रहे हैं. वहीं, करनाल में जजपा प्रत्याशी देवेन्द्र कादियान पांचवें नंबर पर चल रहे हैं. सोनीपत सीट से प्रत्याशी भुपेंद्र मलिक का भी यही हाल बना हुआ है.

कभी हरियाणा में था दबदबा

चौटाला फैमिली, जिसका कभी राज्‍य में दबदबा था, यानि केवल चौटाला नाम पर ही वोट डलता था, वह मटियामेट होता दिख रहा है. INLD की तरह ही जजपा का प्रदर्शन भी बिल्कुल खराब चल रहा है. उनके प्रत्याशियों का जमानत बचाना भी असंभव लग रहा है.

इन वजहों से बुरे बनें हालात

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि BJP के साथ गठबंधन सरकार में रहते हुए किसान आंदोलन, महिला पहलवानों का आंदोलन, अग्निवीर योजना और जाट समाज की अनदेखी जैसे मुद्दों पर जजपा की चुप्पी उनके लिए नुकसान का सबसे बड़ा कारण बनी है. खुद चुनाव प्रचार के दौरान दुष्‍यंत चौटाला, उनकी मां नैना चौटाला, पिता अजय चौटाला और पार्टी प्रत्‍याशियों को लोगों का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा था.

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