चंडीगढ़ | किसान आंदोलन 24 फरवरी को 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है. दिल्ली कूच पर अड़े किसान शंभू और खनौरी बार्डर पर डेरा डाले हुए हैं. दोनों सीमाओं पर आज कैंडल मार्च निकाला जाएगा. उधर खनौरी बार्डर पर पुलिस से टकराव के दौरान मारे गए बठिंडा के युवा किसान शुभकरण का अभी अंतिम संस्कार नहीं हुआ है.
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने शनिवार को बताया कि शंभु और खनौरी बार्डर पर किसान आंदोलन का 12वां दिन है. कल किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा SKM (गैर- राजनीतिक) ने फैसला किया कि शहीदों की याद में आज शाम दोनों बॉर्डर पर एक कैंडल मार्च निकाला जाएगा.
उन्होंने बताया कि 25 फरवरी को हम दोनों सीमाओं पर एक सम्मेलन करेंगे, क्योंकि 26 फरवरी को फिर से WTO पर चर्चा होगी. इसके बाद, 26 फरवरी की सुबह WTO, कॉर्पोरेट घरानों और सरकारों की अर्थियां जलाई जाएंगी. दोपहर में दोनों सीमाओं पर 20 फीट से अधिक ऊंचे पुतले जलाए जाएंगे.
श्रवण सिंह पंधेर ने बताया कि 27 फरवरी को किसान मजदूर मोर्चा, एसकेएम (गैर- राजनीतिक) देश भर के अपने सभी नेताओं की एक बैठक करेगा. 28 फरवरी को दोनों मंच पर एक और बैठक करेंगे. 29 फरवरी को अगले कदम पर फैसला लिया जाएगा. दिल्ली कूच को लेकर इसी दिन फैसला लिया जाएगा.
