चंडीगढ़ | पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) चंडीगढ़ की तरफ से फैलोशिप और पोस्ट-डॉक्टोरल फैलोशिप कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. जानकारी मिल रही है कि अब एडमिशन लिखित टेस्ट या केवल इंटरव्यू के आधार पर नहीं होगा, बल्कि दोनों को मिलाकर मेरिट बनाई जाएगी. एडमिशन प्रोसेस में यह चेंज नई दिल्ली के AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के आधार पर हुआ है.
पहले देना नया होगा रिटन एक्जाम
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नई प्रक्रिया के अनुसार, स्टूडेंट्स को सबसे पहले लिखित परीक्षा देनी होगी. परीक्षा के लिए छात्र को 60 मिनट का समय मिलेगा, जिसमें 60 सवाल पूछे जाएंगे. प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा. कहा जा रहा है कि इस एग्जाम में पास होने के लिए स्टूडेंट को कम- से- कम 50% तक मार्क्स यानी 30 नंबर लाने अनिवार्य रहेंगे. इसके बाद, योग्य स्टूडेंट को अगले फेज यानी विभागीय मूल्यांकन के लिए बुलाया जाएगा.
बनाई जाएगी मेरिट
PGI प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि एडमिशन की फाइनल मेरिट दोनों फेज के अंकों को जोड़कर बनाई जाएगी. यानी स्टूडेंट्स को लिखित परीक्षा और विभागीय मूल्यांकन दोनों में अच्छी परफॉर्मेंस देना आवश्यक है. किसी भी स्टूडेंट को लिखित परीक्षा में 50% से ज्यादा अंक लाने अनिवार्य रहेंगे. इतने अंक लाने वाले विद्यार्थी को ही अगले फेस में आमंत्रित किया जाएगा. यदि कोई अभ्यर्थी इस चरण में उपस्थित नहीं होता है, तो वह दाखिले के लिए योग्य नहीं माना जाएगा.
