चंडीगढ़ | हरियाणा में अधिक से अधिक सरकारी कर्मचारियों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की एक नई पहल की गई है. प्रदेश सरकार द्वारा सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना (SUPY) के तहत राज्य सरकार के कर्मचारी, निगम/बोर्ड/कॉर्पोरेशन के कर्मचारी तथा HKRN कर्मचारी (जिनकी नौकरी सुरक्षित है) अपने आवास पर 5 किलोवाट तक रूफटॉप सोलर सिस्टम (RTS) स्थापित कर सकते हैं. योजना का लाभ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनका पिछले बिलिंग चक्र में कोई बकाया नहीं है.

इस योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को बिजली विभाग द्वारा ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे 24/12 बिजली बिलों के माध्यम से (मासिक/द्वैमासिक बिलिंग के + अनुसार) वसूल किया जाएगा. इससे उपभोक्ताओं को एकमुश्त बड़ी राशि खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी और सौर ऊर्जा अपनाना आसान होगा. सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना के तहत 1 किलोवाट से 5 किलोवाट तक की क्षमता पर निर्धारित बेंचमार्क लागत तय की गई है.
इस हिसाब से मिलेगी सब्सिडी
1 किलोवाट: 1 किलोवाट सोलर सिस्टम की कुल लागत 55 हजार रुपए निर्धारित की गई है, जिसमें उपभोक्ता को केवल साढ़े 5 हजार रुपए (10%) अग्रिम भुगतान करना होगा. 30 हजार रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी. इसके अलावा, बिजली विभाग द्वारा साढ़े 19 हजार रुपए की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी.
2 किलोवाट: 2 किलोवाट सोलर सिस्टम की कुल लागत 1.10 लाख रुपए निर्धारित की गई है जिसमें उपभोक्ता को 11 हजार रुपए (10%) अग्रिम भुगतान करना होगा. 60 हजार रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी जबकि बिजली विभाग द्वारा 39 हजार रुपए की ब्याज मुक्त सहायता राशि दी जाएगी.
3 किलोवाट: तीन किलोवाट सोलर सिस्टम की कुल लागत 1.65 लाख रुपए निर्धारित की गई है जिसमें उपभोक्ता को साढ़े 16 हजार रुपए (10%) अग्रिम भुगतान करना होगा. 78 हजार रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी. इसके अलावा, बिजली विभाग द्वारा साढ़े 58 हजार रुपए की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी.
4 किलोवाट: चार किलोवाट सोलर सिस्टम की कुल लागत 2.20 लाख रुपए निर्धारित की गई है जिसमें उपभोक्ताओं को 22 हजार रुपए (10%) अग्रिम भुगतान करना होगा. 78 हजार रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी. इसके अलावा, बिजली विभाग द्वारा 78 हजार रुपए की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी.