चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार द्वारा राज्य की लड़कियों और महिलाओं के लिए तमाम तरह की योजनाएं समय-समय पर बनाई जाती है ताकि समाज में लड़कियों को सारी मूलभूत सुविधाएं मिल पाए और वो आगे बढ़े. शिक्षा किसी भी समाज का सबसे बड़ा साधन है और अगर समाज में महिलाओं को अपनी भागीदारी दर्ज करनी है तो उसके लिए सबसे पहले शिक्षित होना बेहद जरूरी है.
लड़कियों को शिक्षित करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा पहले से ही कई तरह के कदम उठाए गए हैं. लेकिन कई बार आर्थिक समस्याओं के चलते कई लड़कियां अपनी शिक्षा पूरी करने से रह जाते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने महिला विकास निगम के साथ मिलकर शिक्षा ऋण योजना की शुरुआत की है. जिसका मूल उद्देश्य महिलाओं को साक्षर करना है. इसके लिए हरियाणा महिला विकास निगम ने बैंकों के माध्यम से शिक्षा ऋण पर सब्सिडी देने की पहल की है.
शिक्षा ऋण योजना के तहत, राज्य सरकार द्वारा लड़कियों/महिलाओं के लिए आसान शिक्षा ऋण योजना हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से चलाई जा रही है. जिसके अन्तर्गत लड़कियों/महिलाओं को देश/विदेश में उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा ऋण पर ब्याज सबसिडी 5 प्रतिशत वार्षिक प्रदान की जाएगी. अब कोई भी महिला इस योजना के माध्यम से ऋण लेकर अपनी अधूरी शिक्षा को पूरी कर सकती है.
हरियाणा की प्रत्येक महिला शिक्षा ऋण योजना का लाभ ले सकती है. सरकार द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, योजना के तहत व्यावसायिक शिक्षा, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर आदि के लिए महिलाएं ऋण प्राप्त कर सकती हैं. ऋण बैंक की उच्च शिक्षा स्कीम के अनुसार ही मिलेगा. शिक्षा ऋण के लिए आमदनी, जाति एवं संप्रदाय मापदंड नहीं हैं. महिलाओं की शिक्षा पर जोर देते हुए सरकार द्वारा चलाई गई यह योजना निश्चित तौर पर सराहनीय है क्योंकि इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर घर की लड़कियां और महिलाएं भी शिक्षित हो पाएगी. महिलाएं साक्षर होंगी तो समाज में अपनी भागीदारी भी दर्ज कराएगी. आधुनिक दौर में शिक्षा ही महिलाओं का सबसे बड़ा हथियार है.
