चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए गवाहों को कोर्ट जाकर गवाही देने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है. अब गवाह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही अपने बयान दर्ज करा सकेंगे. सरकार द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसमें बताया गया है कि राज्य में विभिन्न स्थानों पर मानकों के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम (वीसी कक्ष) की व्यवस्था की गई है.
सरकारी कार्यालयों में मिलेगी सुविधा
प्रदेश के सभी जिला न्यायालय, अन्य न्यायालय, मध्यस्थता केंद्र, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा दी गई है. इसके अलावा, चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय और सेक्टर- 17 के नए हरियाणा सिविल सचिवालय में भी गवाही की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरी की जा सकेगी. प्रदेश के सभी सरकारी विभागों, बोर्ड, निगम, आयोग और ब्यूरो के राज्य मुख्यालयों में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी.
गवाहों की सुरक्षा होगी सुनिश्चित
सरकार ने गवाहों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हरियाणा भवन, सभी मंडलायुक्त कार्यालयों, जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों, तहसीलों, पंचायत कार्यालयों, पुलिस विंगों, जेलों, सरकारी अस्पतालों, महाविद्यालयों और सरकारी साइबर प्रयोगशालाओं में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम की व्यवस्था की है. इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद, अधिकारी, डॉक्टर, प्रोफेसर, पुलिसकर्मी या कोई अन्य व्यक्ति नजदीकी वीसी कक्ष में जाकर गवाही दे सकेगा. इससे न केवल सरकारी खर्च में कमी आएगी, बल्कि गवाहों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी.
