चंडीगढ़ | हरियाणा में पटवारियों की हड़ताल के बाद अब तहसीलदारों की हड़ताल ने प्रदेश की नायब सैनी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है. हालांकि, सरकार ने इस हड़ताल से निपटने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.
इन्हें सौंपी रजिस्ट्री की पॉवर
प्रदेश सरकार ने लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से DRO को रजिस्ट्री की पॉवर सौंप दी है. सभी जिलों में DRO रजिस्ट्री का काम करेंगे ताकि लोगों को राहत मिल सके. प्रदेश सरकार ने कहा है कि मुख्यालय स्तर पर DRO और उप- तहसीलों व मंडल स्तर पर SDM को रजिस्ट्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
तहसीलदारों की हड़ताल के चलते राज्य में 10 हजार से ज्यादा रजिस्ट्री पेंडिंग पड़ी है. इनमें सबसे ज्यादा करीब ढाई हजार गुरुग्राम जिले में और फरीदाबाद में 709, सोनीपत में 650 व रेवाड़ी में 500 से ज्यादा रजिस्ट्री पेंडिंग हैं. रजिस्ट्री पेंडिंग होने से जहां एक तरफ लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है तो वहीं दूसरी ओर सरकार को भी राजस्व घाटा झेलना पड़ रहा है. बता दें कि नायब तहसीलदार और तहसीलदारों पर सस्पेंशन कार्रवाई से नाराजगी के बाद से तहसीलदार हड़ताल पर चले गए हैं.
सिर्फ रजिस्ट्री की पॉवर
रजिस्ट्री कार्य ठप्प पड़ने से हरियाणा सरकार का रेवेन्यू बंद हो गया है. जिसके बाद सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए DRO- SDM को रजिस्ट्री की पॉवर सौंपी है. हालांकि, तहसीलदार और नायब तहसीलदार से ऐसी काफी सेवाएं हैं जिनके लिए किसी भी अन्य अधिकारी को जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है. इनमें डोमिसाइल, मैरिज रजिस्ट्रेशन, जमाबंदी व इंतकाल जैसे कार्य शामिल हैं.
