चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में सफाई को लेकर एक ठोस कदम उठाया है. स्वास्थ्य एवं कल्याण, आयुष, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के सरकारी मेडिकल संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में पानी के सभी टैंकों की तुरंत जांच और सफाई के निर्देश जारी किए है.

यह ठोस कदम हरियाणा के नूहं जिले के सरकारी अस्पताल की पानी की टंकी में मिले मृत बंदर की गंभीर घटना के बाद लिया गया है, जिसके तुरंत बाद सरकार ने ऑर्डर जारी किया है.
स्वच्छ जल उपलब्ध कराना प्राथमिकता
डॉ. मिश्रा ने कहा है कि कई संस्थानों में पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि मरीजों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
स्वास्थ्य विभाग के जारी निर्देशों के तहत सभी संस्थानों को जमीन के ऊपर और नीचे बने पानी के टैंकों की तुरंत जांच करने को कहा गया है. इस जांच में टैंकों की स्थिति, संभावित प्रदूषण, रिसाव और ढांचे की हानि जैसे पहलुओं का आकलन शामिल है. इसके साथ ही टैंकों की पूरी सफाई, जमा गंदगी को हटाना, अंदर की सतह की सफाई और धुलाई जैसे कार्यों को सुनिश्चित करना है.
हर 3 माह में नियमित सफाई
डॉ. मिश्रा ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि हर 3 माह में पानी के टैंकों की सफाई का निश्चित प्रबंध किया जाए. इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को इन आदेशों का पालन करने और 5 अप्रैल 2026 तक इसकी अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है. उपायुक्तों को एक सप्ताह के भीतर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से कार्यान्वयन की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी. यह कदम नूंह की घटना को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो.