नई दिल्ली | अगर आपके पास भी व्हीकल है और आप मोटर इंश्योरेंस का लाभ ले रहे है, तो आज की यह खबर आपके लिए काफी खास होने वाली है. आज हम आपको कई ऐसी बातों के बारे में जानकारी देने वाले हैं जो यह तय करने में काफी हेल्प करेगी कि आपको कितने कवरेज का लाभ मिलने वाला है. जैसा की आपको पता है कि भारत में अधिकतर इंश्योरेंस कंपनियों की तरफ से दो प्रकार की पॉलिसीज सेल की जाती है, इसमें थर्ड पार्टी पॉलिसी और कंप्रिहेंसिव पॉलिसी शामिल है.

अधिकतर लोगों को इन दोनों पॉलिसीयों के बीच अंतर समझ नहीं आता और काफी कंफ्यूज रहते हैं. कुछ लोगों को लगता है कि यह पॉलिसी सेम है परंतु यह दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग है. हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
क्या है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस
अगर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बारे में बातचीत की जाए, तो थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस मोटर वाहन अधिनियम के तहत सबसे बुनियादी और कानूनी रूप से आवश्यक कवरेज होता है. इसका लाभ उस स्थिति में मिलता है जब आपके वाहन से किसी अन्य व्यक्ति या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है. यह पॉलिसी फाइनेंशली देयताओं को कवर करती है. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में पर्सनल एक्सीडेंट से जुड़े लाभ भी शामिल होते हैं. जैसे की ऑनर ड्राइवर के लिए कंपलसरी, पर्सनल एक्सीडेंट कवर, यात्रियों के लिए ऑप्शनल का कवर और पेड ड्राइवर या क्लीनर के प्रति देयता कवर.
कंप्रिहेंसिव कवरेज के फायदे
दूसरी ओर कंप्रिहेंसिव कवरेज के बारे में बातचीत की जाए इससे एक कदम आगे जाता है. इसमें थर्ड पार्टी सुरक्षा के साथ- साथ आपके वाहनों को होने वाले नुकसान का कवर भी शामिल होता है जैसे की दुर्घटना- चोरी- तोड़फोड़ या प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली हानि. इंजन प्रोटेक्शन जैसे विकल्प एड ओं भी आप सेलेक्ट कर सकते हैं. यह इंश्योरेंस उन लोगों के लिए काफी बेहतरीन है, जो अनिवार्य थर्ड पार्टी लायबिलिटी कवर के साथ अपने वाहनों के लिए व्यापक रूप से आर्थिक सुरक्षा को कर करना चाहते हैं.
क्या है दोनों में अंतर
इन दोनों में अंतर की बात की जाए, तो थर्ड पार्टी इंश्योरेंस केवल दूसरों के प्रति आपकी देताओं को कवर करता है. जैसे कि किसी व्यक्ति को चोट लगना, मृत्यु होना या फिर उसकी किसी संपत्ति को नुकसान होना. कंप्रिहेंसिव पॉलिसी की बात की जाए तो यह व्यापक सुरक्षा कवर प्रदान करती है. इसमें न केवल पार्टी बल्कि आपके वाहनों को ही क्षति भी शामिल होती है. फाइनेंशियल हानि की भरपाई की जाती है.