चंडीगढ़ | पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला किया है. कोर्ट ने पुलिस भर्ती मामले में हरियाणा सरकार क़ो बड़ा झटका दे दिया है. सुनवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर (मेल), सब इंस्पेक्टर (फीमेल), कॉन्स्टेबल (मेल) और कॉन्स्टेबल IRB की भर्ती का रिजल्ट रिवाइज होगा. इससे भर्ती की दूसरी लिस्ट में शामिल 2413 अभ्यर्थियों की नियुक्ति बीच अधर अटक गई है.
इस भर्ती की सबसे मुख्य बात यह थी कि इसमें उम्मीदवारों क़ो मेरिट के आधार पर चयनित होना था किसी प्रकार का कोई इंटरव्यू नहीं रखा गया था.
1054 अभ्यर्थियों की होगी रिस्कुटनिंग
इसके साथ ही ग्रुप D की तर्ज पर वो अभ्यर्थी जिन्होंने 2018 की भर्ती में ऑरफेन कैटेगरी में अंकों के लिए दावे किये थे, उन सबको 5 नंबर का बेनिफिट देने का फैसला सुनाया है. ऐसे में कुल 1,054 अभ्यर्थियों की रिस्कुटनिंग की जाएगी. हालांकि, नियम वही थे जिनकी तर्ज पर ग्रुप D में भर्ती की गई थी. उसमें उन अभ्यर्थियों को भी नंबर दिए गए थे, जिनकी माता जीवित है.
सरकार ने नियुक्ति में अपनाई नॉर्मलाइजेशन की नीति
एक क्राइटेरिया को अलग- अलग अप्लाई करने का यह अनोखा मामला सामने आया है. हाईकोर्ट में दायर याचिका में अभ्यर्थियों ने बताया है कि सरकार ने पुरुष और महिला कॉन्स्टेबल के 6,600 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था. परीक्षा के बाद, सारी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई लेकिन सरकार ने नियुक्ति में नॉर्मलाइजेशन अपनाया. सरकार के इस निर्णय से अच्छे अंक लाने वाला अभ्यर्थी भी फाइनल लिस्ट से बाहर हो गए.
