चंडीगढ़ | नए साल के शुभ अवसर पर हरियाणा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. सूबे की नायब सैनी सरकार ने एक राहत भरा फैसला लेते हुए EWS वर्ग में आरक्षण का लाभ लेने के लिए परिवारों की वार्षिक आय सीमा को 6 लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपए कर दिया है.
EWS को सालाना 8 लाख रुपए तक मिलेगा लाभ
प्रदेश सरकार ने EWS वर्ग के लिए सालाना पारिवारिक आय को अब 8 लाख रुपए कर दिया है जिससे ये केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के बराबर हो गई है. मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से बुधवार को इस संबंध में एक पत्र जारी कर दिया गया है.
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि ये संशोधित इनकम क्राइटेरिया सिविल पदों और सेवाओं में सीधी भर्ती में आरक्षण के साथ-साथ प्रदेश में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में एडमिशन पर लागू होगा. प्रदेश सरकार द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, पहले सालाना 6 लाख रुपए की इनकम लिमिट 25 फरवरी 2019 के निर्देशों के तहत की गई थी, लेकिन बाद में इस मामले की समीक्षा करते हुए सरकार ने अब वार्षिक आय की ऊपरी सीमा को बढ़ाकर 8 लाख रुपए करने का फैसला लिया है.
EWS वर्ग को मिलने वाले फायदे
प्रदेश सरकार ने अक्टूबर 2025 में EWS पॉलिसी लागू की थी. सालों से किराए के मकानों या झुग्गियों में रहने वाले लोगों के खुद के घर का सपना पूरा करने के लिए ये पॉलिसी बनाई गई थी. जिसके तहत हर लाइसेंस प्राप्त कॉलोनी में 20% प्लॉट और हर ग्रुप सोसायटी में 15% फ्लैट EWS वर्ग के लिए आरक्षित रखे जाएंगे.
इसके अलावा राज्य में EWS वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10% आरक्षण, RTE के तहत फ्री शिक्षा और चिराग योजना के तहत वित्तीय सहायता समेत कई अन्य लाभ मिलते हैं. EWS सर्टिफिकेट 1 साल के लिए वैलिड होता है और इसे हर साल रिन्यू कराना पड़ता है.
