हरियाणा विधानसभा बजट सेशन में उठा शिक्षकों की कमी का मुद्दा, इस प्रकार हैं आकंडे

चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा के बजट सेशन में प्रश्नकाल के दौरान रानिया विधायक अर्जुन चौटाला द्वारा सरकारी कॉलेजों में प्राचार्यों से लेकर शिक्षकों सहित अन्य श्रेणियों में कर्मचारियों की भारी कमी का मुद्दा सबके ध्यान में लगाया गया. इस पर उच्चतर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कॉलेजों में स्वीकृत और खाली पदों की स्थिति, उन्हें भरने की सरकार की योजना का विस्तृत ब्यौरा सदन के पटल पर रखते हुए बताया कि कॉलेजों में पद रिक्त होने के बावजूद सरकार भर्ती प्रक्रिया शुरू होने और मौजूदा व्यवस्थाओं के माध्यम से शिक्षण कार्य जारी रखे हुए हैं.

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हरियाणा विधानसभा बजट सेशन

ग्रुप- ए (प्रिंसिपल ) के 31 मार्च 2025 तक 95 पद खाली थे. इनमें से 31 पद साल 2025-26 के दौरान प्रमोशन से भरे जा चुके हैं. इसके अतिरिक्त, 19 पदों को पदोन्नति से भरने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है.

बाकी 45 पदों को सीधी भर्ती के जरिए भरने के लिए सेवा नियमों में संशोधन की प्रक्रिया चल रही है जो लास्ट स्टेज पर है. आंकड़ों को देखें तो कॉलेजों में ग्रुप- सी के कुल 2048 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 783 पद ही नियमित रूप से भरे हुए हैं जबकि 512 पद एचकेआरएनएल/ पार्ट-1/ पार्ट-2 के तहत अस्थायी रूप से भरे हुए हैं. इसके बावजूद, पूरे प्रदेश में 753 पद अभी भी खाली पड़े हैं.

उच्च शिक्षा व्यवस्था हो रही प्रभावित

गुरुग्राम में ग्रुप- सी के 178 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 36 पदों पर नियमित कर्मचारी हैं जबकि 54 पद एचकेआरएनएल के जरिए भरे गए हैं और 88 पद रिक्त हैं. महेंद्रगढ़, भिवानी, झज्जर, चरखी दादरी, हिसार, रोहतक में भी ऐसा ही हॉल है. वहीं पंचकूला और पानीपत में स्थिति इनके मुकाबले बेहतर है. पंचकूला में 93 में से सिर्फ 08 पद खाली हैं और पानीपत में 34 में से 05 पद रिक्त है.

31 मार्च 2025 तक कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के कुल 8137 स्वीकृत पदों में से मात्र 3303 पद ही नियमित रूप से भरे हुए हैं जबकि 2819 पद अब भी रिक्त पड़े हैं. इन रिक्तियों की वजह से उच्च्च शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है और कॉलेजों में पढ़ाई का बोझ बड़ी संख्या में एक्सटेंशन और गेस्ट लेकररों के कंधो पर है.

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कई विषयों में शिक्षकों की कमी

आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में 185 कॉलेजों में 1971 एक्सटेंशन लेकरर और 44 गेस्ट लेक्कर पढ़ा रहे हैं. बड़ी संख्या में पद रिक्त होने से कई विषयों में शिक्षकों की कमी है. विभागीय जानकारी के अनुसार इन 185 कॉलेजों में से 8 नए कॉलेज ऐसे हैं, जहां सहायक प्रोफेसर के पदों की स्वीकृति की प्रक्रिया अभी चल रही है. हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में ग्रुप- डी कर्मचारियों की स्थिति भी काफी असंतुलित दिख रही है. 31 मार्च 2025 तक के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य में ग्रुप- डी के कुल 755 स्वीकृत पद हैं जिनमें से 482 नियमित पद ही भरे हुए हैं.

मेवात और पंचकूला में भारी असंतुलन

एचकेआरएनएल/ पार्ट-1/ पार्ट-2 के तहत 948 कर्मचारी ड्यूटी कर रहे हैं. ऐसे में कुल 675 पद ‘माइनस’ दिख रहे हैं यानी कई जिलों में स्वीकृत पदों से कहीं ज्यादा कर्मचारियों को लगाया गया है. मेवात और पंचकूला में भारी असंतुलन दिख रहा है. नूह (मेवात) में 17 स्वीकृत पदों में से मात्र 03 नियमित भरे हैं जबकि 31 एचकेआरएनएल कर्मचारी हैं. पंचकूला में 32 स्वीकृत पदों के अपेक्षा 07 नियमित और 56 एचकेआरएनएल कर्मचारी है.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.