चंडीगढ़ | हरियाणा में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. राज्य में अनुसूचित जातियों के लिए जारी हुआ फंड अब लैप्स नहीं होगा. प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति विकास निधि योजना, इसके आवंटन तथा वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन के उचित उपयोग के लिए कानून बनाने जा रही है.
अधिकारियों की जवाबदेही तय
अनुसूचित जाति विकास के लिए संचालित योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी. प्रदेश में हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के आर्थिक उत्थान के लिए कार्य करता है. अनुसूचित जाति के लोगों को व्यापार और व्यवसाय, कृषि और उद्योग से संबंधित योजनाओं के लिए ऋण और वित्तीय सहायता प्रदान करने के साथ ही निगम राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के सहयोग से सूक्ष्म वित्त योजनाओं का भी संचालन करता है.
सरकार कानून बनाने की तैयारी
आरोप है कि अनुसूचित जाति विकास निधि योजना के तहत कई बार पूरे फंड का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जिससे पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता है. उनके सवाल पर प्रश्नकाल में बहस तो नहीं हो सकी, लेकिन अतारांकित सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय और अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण व अंत्योदय (सेवा) मंत्री कृष्ण बेदी ने माना है कि सरकार इस संबंध में कानून बनाने पर विचार कर रही है.
