सीएस की भी नहीं सुनते नोडल अधिकारी, 11 जून को चंडीगढ़ में तलब, मीटिंग में नहीं आने पर होगी कार्रवाई

चंडीगढ़ | सरकारी महकमों में अधिकारी अपने प्रशासनिक बॉस यानी मुख्य सचिव की भी नहीं सुनते हैं. कई बार मुख्य सचिव कार्यालय दूसरे विभागों से जानकारी मांगते हैं तो उन्हें बार- बार रिमाइंड देना पड़ता है. अब मामला ग्रुप डी में खेल कोटे से भर्ती हुए 1518 युवाओं की जानकारी से जुड़ा है. हाई कोर्ट ने ग्रुप डी नहीं पुराने ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर भर्ती हुए चयनितों को हटाने के आदेश दिए गए थे.

Haryana CM Manohar Lal

इसके बाद मुख्य सचिव ने सभी विभागों से ऐसे युवाओं को बर्खास्त कर उनकी रिपोर्ट मांगी थी. आपको बता दें कि सबसे पहले इसको लेकर 4 मार्च को पत्र लिखा गया था. लेकिन अनेक विभागों ने कोई जवाब नहीं दिया. यह मामला कोर्ट से जुड़ गया है. इसीलिए ऐसे केसों के लिए नोडल अधिकारी भी है. इसके बाद फिर दोबारा से 18 मार्च तथा 27 अप्रैल को रिमाइंडर भेजे गए. लेकिन इस बार भी नोडल अधिकारियों ने मुख्य सचिव के पत्र को गंभीरता से नहीं लिया.

27 महकमे, बोर्ड एवं निगम ऐसे हैं. जिन्होंने अभी तक सूचना नहीं भेजी है. अब सभी विभागों को मोस्ट अर्जेंट पत्र 27 नोडल अधिकारियों को चंडीगढ़ चंडीगढ़ सचिवालय में 11 जून को चंडीगढ़ पूरी जानकारी के साथ बुलाया गया है. आपको बता दें कि पत्र में लिखा गया है कि जो नोडल अधिकारी नहीं आएंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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इन विभागों के अधिकारियों ने अभी तक नहीं भेजी है सोचना:

इनमें सिंचाई, पुलिस, ट्रांसपोर्ट, एक्साइज एवं टैक्सेशन, हायर एजुकेशन, डेवलपमेंट एंड पंचायत, बागकवारी, रजिस्टार कोऑपरेटिव सोसायटी, हरियाणा बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, वन, महिला एवं बाल विकास, श्रम, एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, स्टेट सर्टिफिकेट एजेंसी, होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस, अर्बन एस्टेट, हाउसिंग बोर्ड, एससी फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो, एनवायरमेंट, अर्बन लोकल बॉडी, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ, ग्रामीण विकास, हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड, टूरिज्म एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट नहीं अभी तक सूचना नहीं दी है.

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