चंडीगढ़ | हरियाणा रोडवेज (Haryana Roadways) में संचालित हो रही इलेक्ट्रिक बसों को अब लंबी दूरी तक भी बढ़ाया जा सकता है. जिले से दूसरे राज्य के किस शहर तक बसों का संचालन किया जा सकता है, यह पता लगाने के लिए सर्वे का काम करवाया जाएगा. यदि सभी कुछ सही पाया जाता है, तो उसके बाद लंबी दूरी तक इन बसों का संचालन करवा दिया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर दूसरे राज्य में चार्जिंग स्टेशन भी लगाए जाने पर सोच विचार चल रहा है.
इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा
सरकार 2030 तक हरियाणा रोडवेज में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा 50% तक बढ़ाने के बारे में सोच रही है. वर्तमान में प्रदेश सरकार 375 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की योजना बनाई हुई है. इनमें से नौ शहरों में 45 बसों का संचालन किया जा रहा है और 5 बसें और जल्द आ जाएंगी. अंबाला में इनका संचालन किया जाएगा. मिली जानकारी के अनुसार, जिन शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के डिपो बन रहे हैं, वहां बसों की संख्या में इजाफा किया जाएगा.
डिपो बन जाने के बाद एक जिले से 50 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा सकेंगी. वर्तमान में पानीपत में ऐसा डिपो बनाया जा चुका है. यमुनानगर, पंचकूला, अंबाला, करनाल, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, रेवाड़ी और हिसार में भी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए डिपो बनाए जाएंगे.
एसी बसों से यात्रियों को मिलेगी सुविधा
वर्तमान में परिवहन विभाग को 500 स्टैंडर्ड बसे मिल चुकी हैं, जिनके संचालन से रोडवेज का बेड़ा 4200 के पार पहुंच जाएगा. इसके अलावा, राज्य को 400 पीएम ई- बसों की सौगात मिलने वाली है. इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रदेश में अगले साल के शुरू में किया जा सकता है. हरियाणा रोडवेज के बेड़े में जल्द 150 एसी बसों को शामिल करने की योजना है, जिनमें से 10 प्रदेश में पहुंच चुकी हैं और 22 बसें जल्दी ही आ जाएंगी.
गर्मियों के मौसम में लोगों को इससे काफी राहत मिलेगी. अब से पहले दो गुना तीन सीटर बसें आई थीं, लेकिन अब 2 गुना 2 सीटर बसें आने से यात्रियों को सामान रखने में सुविधा मिलेगी. इसके अलावा, बस में चढ़ने और उतरने में भी काफी सहूलियत होगी.
