हरियाणा में पंचायत चुनाव को लेकर फिर से फंस सकता है पेच, यहाँ पढ़े पूरा माजरा

चंडीगढ़ | हरियाणा में पंचायती चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू तो कर दी है, लेकिन इन चुनावों में देरी हो सकती है. चुनाव आयोग का प्रयास 30 सितंबर 2022 तक चुनाव कराने का था, लेकिन अब सरकार ने गुरुग्राम के पटौदी की नगर परिषद और हिसार के बास और सिसाय की नगर पालिका का दर्जा खत्म कर इसे ग्राम पंचायत बना दिया है. इन तीनों की वार्डबंदी बाकी है. ऐसे में अब राज्य चुनाव आयोग को फिर से राज्य सरकार से अनिवार्य परामर्श लेना होगा. हालांकि सरकार ने जुलाई में आयोग को पत्र लिखकर चुनाव कराने की अनुमति दे दी है.

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गुरुग्राम के पटौदी और हिसार के कुछ गांवों को नगर पालिका से बाहर किए जाने के कारण वार्ड को फिर से बंद करना पड़ेगा. चुनाव आयोग इस काम को पूरा करने के बाद ही चुनाव कराएगा. हरियाणा चुनाव आयुक्त धनपत सिंह का कहना है कि सरकार की ओर से फिर से सलाह मशविरा किया जाएगा. यह भी अभी तय नहीं है कि चुनाव दो चरणों में होंगे या एक चरण में होने हैं.

एक चरण में चुनाव की घोषणा के कम से कम 25 दिन बाद और दो चरणों में चुनाव कराने के लिए 28 से 30 दिन की अवधि चाहिए. ऐसे में अगर चुनाव आयोग अगस्त के आखिरी हफ्ते में भी चुनाव की तारीखों का ऐलान कर देता है तो 30 सितंबर तक चुनाव होंगे. फिलहाल ऐसा संभव नहीं लगता.

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इनेलो और आप सिंबल पर लड़ेंगे चुनाव

पंचायती चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने पहले 30 सितंबर तक चुनाव कराने के संकेत दिए थे. इसे लेकर पार्टियों ने तैयारी शुरू कर दी है. बीजेपी ने त्रिदेव को बूथ स्तर पर बनाने का फैसला किया. त्रिदेव में एक बूथ पर तीन कार्यकर्ता रहेंगे. भाजपा ने 22 जिलों में चुनाव जिला प्रभारी भी नियुक्त किया. शिक्षा मंत्री कंवर पाल को राज्य स्तर का प्रभारी बनाया गया है. चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ना है या नहीं, यह 24 अगस्त को तय होगा.

वहीं, आम आदमी पार्टी ने पंचायत चुनाव में पार्टी के चुनाव चिह्न पर जिला परिषद का चुनाव लड़ने का ऐलान किया. 22 जिलों में 30 जुलाई को पंचायती राज प्रकोष्ठ के संयोजक, संयुक्त सचिव, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्य की नियुक्ति की गयी. वहीं, इनेलो ने भी जिला परिषद चुनाव चिन्ह पर लड़ने का ऐलान किया है. कांग्रेस चुनाव चिह्न पर पंचायती चुनाव नहीं लड़ेगी, जबकि जननायक जनता पार्टी ने भी चुनाव लड़ने का कोई संकेत नहीं दिया है.

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पटौदी नगर परिषद की घोषणा

14 अगस्त को हरियाणा सरकार ने पटौदी नगर पालिका, हैली मंडी नगर पालिका और आसपास के 10 गांवों को मिलाकर नगर परिषद पटौदी-मंडी बनाने की घोषणा की है. इसमें नरहेरा, जनोला, रामपुर, छावां, मिल्कपुर, मिर्जापुर, मुबारकपुर, देवलावास, हिरोहरी और खानपुर गांव नगर परिषद पटौदी मंडी का हिस्सा होंगे. अब इन गांवों को नगर परिषद में शामिल करने के बाद दोबारा इसकी वार्डबंदी की जाएगी. वहीं, बास और सिसई नगर पालिका का दर्जा समाप्त कर पंचायत का दर्जा दिया गया है. हिसार की आदमपुर नगर पालिका की जगह आदमपुर गांव को पंचायत का दर्जा दिया गया.

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प्रदेश में इन पदों पर होंगे चुनाव

इस बार हरियाणा में 71741 पदों पर चुनाव होना है. इनमें से 6228 सरपंच, 62022 पंच, प्रखंड समिति के 30380 पदों पर चुनाव होना है. राज्य सरकार ने 22 जुलाई तक सभी डीसी को मतदाता सूची प्रकाशित करने का आदेश दिया था.

पंचायतों का कार्यकाल फरवरी 2021 से समाप्त 

राज्य में पंचायतों का कार्यकाल 23 फरवरी 2021 को समाप्त हो गया. इसके बाद पंचायतों के अधिकार बीडीपीओ के पास चले गए. पंचायती चुनाव में आरक्षण के हरियाणा सरकार के फैसले को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में 15 अप्रैल 2021 को चुनौती दी गई थी. हरियाणा सरकार ने पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत और बीसीए को 8 प्रतिशत आरक्षण दिया था. मई 2022 में, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सरकार को पंचायत चुनाव कराने की अनुमति दी. हालांकि, अब इस फैसले को फिर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. लेकिन कोर्ट ने इस पर रोक नहीं लगाई.

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