हरियाणा में महिला एवं बाल विकास विभाग के बदले भर्ती नियम, हिंदी- संस्कृत की गई अनिवार्य

चंडीगढ़ | हरियाणा में महिला एवं बाल विकास विभाग में अब ज्यादातर पद प्रमोशन से भरे जाएंगे. जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला) के 75 प्रतिशत पद पर पदोन्नति होगी और बाकी 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरें जाएंगे. इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी (महिला) तथा उप निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं के 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती और 50 प्रतिशत पद प्रमोशन से भरे जाएंगे.

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जारी किया आदेश 

राज्य सरकार की तरफ से महिला एवं बाल विकास विभाग में होने वाली भर्तियों को लेकर रूल्स बदले गए हैं. विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने इस बारे में ऑर्डर जारी कर दिया है. संशोधित नियमों में पद का नामकरण से लेकर वेतनमान और शैक्षणिक योग्यताओं में अपडेट करने के साथ ही विभागीय सर्विस रूल में नव सृजित पदों को सम्मिलित किया गया है.

बाल विकास परियोजना अधिकारी (महिला) और कार्यक्रम अधिकारी (महिला) के पदों का आधिकारिक नाम महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी (महिला) और जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला) हो चुका है. इनका वेतनमान सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार अपडेट हुआ है.

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अब नहीं यह प्रविधान

उपनिदेशक पद की सीधी भर्ती में अब यूजीसी नेट की जरूरत नहीं होगी क्योंकि पिछली भर्ती प्रक्रियाएं योग्य उम्मीदवार देने में असफल रही थी. हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की आपत्तियों के बाद भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी (महिला) के पद के लिए 50 प्रतिशत कोटे वाली 2 अलग- अलग शैक्षणिक योग्यताओं का प्रविधान भी अब नहीं है. सभी पदों के लिए दसवीं या हायर एजुकेशन लेवल पर हिंदी या संस्कृत को एक विषय के रूप में कंपलसरी करने का प्रविधान भी जोड़ा गया है.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.