चंडीगढ़ | हरियाणा में जमीन संबंधी झगड़ों का निपटारा करने के लिए सूबे की नायब सैनी सरकार ने एक नई पहल की शुरुआत की हैं. इसके लिए सभी जिलों में राजस्व लोक अदालतों का आयोजन होगा जिसमें DC, SDM और तहसीलदार विवादित पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवादों का समयबद्ध तरीके से समाधान कराने का प्रयास करेंगे.

हरियाणा CM ने दिए निर्देश
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा तैयार 5 वर्षीय कार्य योजना की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह निर्देश दिए हैं. राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राजस्व संबंधी विवादों के शीघ्र समाधान के लिए डिजिटल कोर्ट केस मेनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा.
इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में नई ऑनलाइन सेवाएं शुरू की जाएं. नव- नियुक्त पटवारियों के लिए लैपटॉप और टैबलेट क खरीद तथा हाईस्पीड इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि सभी पटवारी डिजिटल माध्यम से सेवाएं दे सकें. प्रदेश में सभी प्रकार के स्टांप की बिक्री ई- स्टांप के माध्यम से की जाएगी. उन व्यक्तियों के लिए फेसलेस रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की जाएगी जो कहीं बाहर दूसरे राज्यों या विदेश में रहते हैं और रजिस्ट्री के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते हैं.
राजस्व विभाग में दिखेंगे बड़े सुधार
राजस्व विभाग द्वारा अपने डाटा की स्टोरेज के लिए हारट्रोन के माध्यम से अपडेटिड डाटा सेंटर स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए टेंडर किया जा चुका है. सीएम ने शहरी संपत्ति के राजस्व रिकार्ड को प्रॉपर्टी आइडी के साथ लिंक करवाकर सुव्यवस्थित करवाने के भी निर्देश दिए.
कृषि विभाग के साथ मिलकर भूमि अभिलेखों का 100% डिजिटलीकरण और जीयो- टैगिंग का कार्य किया जा रहा है. सभी लैंड पार्सल का यूनिक नंबर जनरेट किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभागों की सरकारी जमीन को पोर्टल पर अपडेट किया जाए.